
क्या बिहार में कोरोना जांच के नाम पर एक और घोटाला हो गया ?
NDTV India
राज्य के चार ज़िलों में तो 85 प्रतिशत केवल ऐंटिजेन टेस्ट हुआ है. इसमें मुख्य मंत्री नीतीश कुमार का अपना गृह ज़िला नालंदा भी शामिल है, जहाँ आरटी-पीसीआर टेस्ट मात्र 10 प्रतिशत और शेष 90 प्रतिशत ऐंटिजेन टेस्ट हुआ. इसके अलावा पूर्णिया में मात्र एक प्रतिशत आरटी-पीसीआर टेस्ट हुआ है.
बिहार में स्वास्थ्य विभाग अपनी गलतियों से सबक नहीं सीख रहा. कम से कम कोरोना जाँच से सम्बंधित मामले में तो यही दिख रहा है. ताज़ा मामले में राज्य के मुज़फ़्फ़रपुर ज़िले में स्वास्थ्य विभाग के अपनी जाँच में कई ब्लॉक में ऐंटिजेन की जितनी किट मिली उससे अधिक जाँच रिपोर्ट सरकारी पोर्टल में दर्ज हैं.











