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कौन हैं Alakh Pandey, जो NEET स्टूडेंट्स की लड़ाई सुप्रीम कोर्ट तक ले गए?
Zee News
Who is Alakh Pandey PhysicsWallah: नीट रिजल्ट को लेकर देश में हंगामा मचा हुआ है. सुप्रीम कोर्ट तक मामला पहुंच गया है. मामले को SC तक ले जाने में फिजिक्स्वाला के फाउंडर अलख पांडे का रोल माना जा रहा है.
नई दिल्ली: Who is Alakh Pandey PhysicsWallah: NEET स्टूडेंट्स की लड़ाई सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है. अदालत ने उन छात्रों की परीक्षा फिर कराने के लिए कहा है जिनको ग्रेस मार्क्स मिले हैं. सुप्रीम कोर्ट में नीट का मुद्दा ले जाने का श्रेय अलख पांडे को दिया जा रहा है. आइए जानते हैं कि अलख पांडे कौन हैं? कौन हैं अलख पांडे? अलख पांडे फिजिक्सवाला (कोचिंग इंस्टीट्यूट) के फाउंडर हैं. वे आज 10,000 करोड़ की कंपनी के मालिक हैं. अलख पांडे को ये मुकाम हासिल करने में कड़ा संघर्ष करना पड़ा है. वे उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के रहवासी हैं. अलख पांडे बचपन में फिल्मी स्टार बनना चाहता था. लेकिन हालात से मजबूर अलख पांडे ने आठवीं क्लास से ही छोटे बच्चों को ट्यूशन देना शुरू कर दिया था. इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान फीस देने के लिए उन्हें अपना घर भी बेचना पड़ गया था. हालांकि, वे अपनी डिग्री पूरी नहीं कर पाए.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.

C-130J Super Hercules: भारत सरकार जल्द ही MTA प्रोग्राम के लिए Request for Proposal (RFP) जारी करने की तैयारी में है. बढ़ी हुई रेंज वाला C-130J भारत की अलग-अलग जरूरतों के लिए अधिक उपयोगी माना जा रहा है. इसमें लंबी दूरी की लॉजिस्टिक्स सपोर्ट, स्पेशल फोर्स ऑपरेशन, आपदा राहत मिशन और छोटे रनवे से ऑपरेशन शामिल हैं. अधिक रेंज होने से विमान बिना बार-बार ईंधन भरे बड़े इलाके को कवर कर सकेगा.








