
कोरोना हेल्थ Insurance: कंपनी और अस्पताल नहीं कर सकते इन बातों से इनकार
Zee News
जिन लोगों के पास पहले से हेल्थ इन्श्योरेंस नहीं है उनके सामने पैसों का इंतजाम कराने की चुनौती है. वहीं दूसरी तरफ जिनके पास इन्श्योरेंस है उन्हें कैशलेस इलाज नहीं मिल पा रहा है. नेटवर्क हॉस्पिटल भी मरीजों का कैशलेस ट्रीटमेंट करने से इनकार कर रहे हैं. ऐसे में ये जानना बेहद जरूरी है कि कोरोना के कहर के बीच हेल्थ इन्श्योरेंस कितना महत्वपूर्ण है
नई दिल्ली: कोरोना की दूसरी लहर का कहर इस कदर बरपा है कि अपनों की जान बचाने के लिए ऑक्सीजन और जरूरी दवाओं का जुगाड़ करते-करते मरीजों के परिजनों की कमर टूट गई है. सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए जगह नहीं है तो निजी अस्पतालों में इलाज के एवज में लाखों के बिलों का भुगतान करना पड़ रहा है. Corona के कहर के बीच हेल्थ इन्श्योरेंस कितना महत्वपूर्ण जिन लोगों के पास पहले से हेल्थ इन्श्योरेंस नहीं है उनके सामने पैसों का इंतजाम कराने की चुनौती है. वहीं दूसरी तरफ जिनके पास इन्श्योरेंस है उन्हें कैशलेस इलाज नहीं मिल पा रहा है. नेटवर्क हॉस्पिटल भी मरीजों का कैशलेस ट्रीटमेंट करने से इनकार कर रहे हैं. ऐसे में ये जानना बेहद जरूरी है कि कोरोना के कहर के बीच हेल्थ इन्श्योरेंस कितना महत्वपूर्ण है और कंपनी से इलाज के एवज में क्लेम हासिल करने के लिए आपके पास कौन-कौन से अधिकार हैं.
Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.

Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.










