
कोरोना से मौत 2 लाख के पार: 20 जिंदगानी जो पीछे कहानी छोड़ गयी
The Quint
corona death: भारत में कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे हैं और लोग अपनी जान गंवा रहे हैं. Corona cases are increasing in India and people are losing their lives.
भारत में जब कोरोना संक्रमण से मरने वाले लोगों की संख्या दो लाख के पार पहुंची चुकी है ,तब इन आंकड़ों को लेकर हम थोड़े संवेदनहीन होने लगे हैं . यह संख्या मात्र आंकड़ा नहीं हैं, बल्कि हर मौत अपने पीछे कई कहानियां छोड़ कर गई हैं .कहानियां,अपने परिवार के लिए और अपने समाज के लिए.आंकड़ों की भीड़ में ये कहानियां अपना विशेष स्थान रखती हैं.वर्तमान अतीत से सीख लेता रहे इसके लिए जरूरी है इन अनुभवों का हम सबों के साथ जिंदा रहना.तो लीजिए जानते हैं ऐसी ही कुछ कहानियों को जिन्हें हम आंकड़ों के संवेदनहीनता के पीछे भूल ना जाए.डॉक्टर प्रतिक्षा वालडेकरडॉ.प्रतिक्षा अमरावती के इर्विन हॉस्पिटल के पैथोलॉजी डिपार्टमेंट में काम करती थीं, जब वह कोरोना संक्रमित हुई. डॉ. प्रतिक्षा 7 महीने की गर्भवती थी, जब उन्होंने 20 सितंबर 2020 को कोरोना से अपनी जान गंवा दी .यह उनकी 'प्रेशियस प्रेगनेंसी' थी यानी लंबे इंतजार और मेडिकल इलाज के बाद प्रतीक्षा गर्भवती हुई थी. लेकिन अपनी ड्यूटी को निभाते हुए वह पहले संक्रमित हुईं और मरने से 5 दिन पहले अजन्मे बच्चे को भी खो दिया. प्रतीक्षा ने अपना MBBS GHCH नागपुर से और पोस्ट ग्रेजुएशन एमडी इन पैथोलॉजी, जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज ,सावंगी से पूरी की थी.जॉन मेरी प्रेसिल्लाजॉन मेरी 27 मार्च 2020 को रिटायर होने वाली थी, लेकिन चेन्नई के राजीव गांधी हॉस्पिटल की नर्सिंग सुपरीटेंडेंट जॉन मेरी ने कोरोना के बढ़ते माुमले को देखते हुए अपनी रिटायरमेंट आगे टाल दी. लोगों की सेवा करने में वह संक्रमित हुईं और रिटायरमेंट के तय तारीख से 2 महीने बाद 27 मई को उन्होंने कोरोना से दम तोड़ दिया.सुभाष महादिकसुभाष महादिक की कोरोना से मौत 2 जून 2020 को हुई, जब वह SWM चौकी, गोरेगांव वेस्ट में कूड़ा इकट्ठा करने वाली गाड़ियों का निरीक्षण करते थे .अकेले BMC में अब तक 197कर्मचारी कोरोना से जान गवां चुके हैं.सुभाष जी के बेटे निखिल के मुताबिक वह कम से कम 67 अस्पतालों में दौड़ते रहे पर उनको किसी ने भर्ती नहीं किया .आईडी कार्ड दिखाते हुए यह बताने पर भी कि वह काम करते हुए संक्रमित हुए थे.विनय श्रीवास्तव65 साल के विनय श्रीवास्तव 35 साल से पत्रकारिता जगत में जाने-माने नाम थे, लेकिन जब कोरोना संक्रमित होकर उनका ऑक्सीजन लेवल गिरने लगा तो योगी सरकार से ट्विटर पर लाख गुहार ...More Related News
