
कोरोना मरीजों के लिए राहत, 'संजीवनी' लेकर लखनऊ पहुंची बोकारो-लखनऊ ऑक्सीजन एक्सप्रेस
Zee News
ऑक्सीजन की कमी पूरी करने के लिए बोकारो-लखनऊ के बीच दूसरी ऑक्सीजन एक्सप्रेस शनिवार सुबह करीब 7 बजे बोकारो से लखनऊ पहुंची.
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सर्वाधिक प्रभावित जिलों में ऑक्सीजन की कमी पूरी करने के लिए बोकारो-लखनऊ के बीच दूसरी ऑक्सीजन एक्सप्रेस शनिवार सुबह करीब 7 बजे बोकारो से लखनऊ पहुंची. 20-20 हजार लीटर क्षमता वाले टैंकर चारबाग रेलवे स्टेशन के साइडिंग पर पहुंचे. जहां आरपीएफ बल के जवान तैनात रहे. वहीं देर रात रास्ते में वाराणसी को एक टैंकर ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई. जिसके बाद यह लखनऊ के लिए रवाना हुई. PM जी की सरकार द्वारा देश भर में ऑक्सीजन आपूर्ति का कार्य निरंतर जारी है। 'ऑक्सीजन एक्सप्रेस' से बढ़ी उम्मीद दरअसल कोर्ट ने केन्द्र सरकार को निर्देश दिए कि उद्योगों में ऑक्सीजन सप्लाई फिलहाल रोक दी जाए, अगर अस्पतालों में ऑक्सीजन की जरूरत है. लिहाजा अस्पतालों में ऑक्सीजन की सप्लाई के लिए रेल मंत्री की पहल पर ऑक्सीजन एक्सप्रेस चलाई जा रही है. बोकारो-लखनऊ के बीच, दूसरी 'ऑक्सीजन एक्सप्रेस' के माध्यम से वाराणसी में भी ऑक्सीजन आवश्यकता की आपूर्ति की गयी।
Ice Breaker missile: भारतीय नौसेना अब अपने बेड़े को और भी ज्यादा खतरनाक बनाने के लिए एक ऐसे मिसाइल सिस्टम पर विचार कर रही है, जो समंदर के बीचों-बीच दुश्मन के होश उड़ा देगा. खबर आ रही है कि भारतीय नौसेना अपने MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टरों को इजरायल की आधुनिक 'आइस ब्रेकर' मिसाइल से लैस करने की योजना बना रही है. खास बात यह है कि भारतीय वायुसेना पहले ही इस मिसाइल को अपनी ताकत में शामिल करने की मंजूरी दे चुकी है.

Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.










