
कैसे योगी ने बदल दी यूपी की सियासत? तो इसलिए सवर्णों को रिझाने में जुटीं मायावती
Zee News
'मिले मुलायम कांशीराम, हवा में उड़ गए जय श्री राम' का नारा तो हर किसी को याद है. मायावती और उनकी पार्टी BSP का रवैया इन दिनों कैसे बदला-बदला सा है?
नई दिल्ली: ये साल 1919 था जब अंग्रेजी हुकूमत ने भारतीयों को सत्ता में शामिल करने का निर्णय लिया और मांटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार लाया गया. यहीं से हिन्दुस्तान की सियासत में जातीय जहर ने एंट्री मारी और आगे चलकर सियासी दलों की सियासत का अहम हिस्सा बन गई. इसी राजनीतिक हथियार का इस्तेमाल कर के 2007 में मायावती ने ब्राह्मणों और दलितों के गठजोड़ से सत्ता की कुर्सी हासिल की और साल 2012 में मुलायम सिंह ने ब्राह्मणों के साथ-साथ मुस्लिम और पिछड़ों का वोट हासिल कर बेटे अखिलेश को पहली बार सीएम बना दिया. अब बुआ और बबुआ दोनों उसी फॉर्मूले को एक बार फिर लेकर आएं हैं और सवर्णों को खुश करने की कोशिश में जुटे हैं.More Related News
