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कैसी होती हैं सरफेस टू एयर मिसाइलें? पाक के F-16 गिराने में हुई चर्चा, आखिर भारत के पास कितनी, जानें
Zee News
What are surface to air missiles: भारत के पास कई तरह की सरफेस-टू-एयर मिसाइलें हैं, इनमें एक AKASH भी. आकाश एक मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (SAM) प्रणाली है जिसे भारत के सरकारी स्वामित्व वाले रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRSO) द्वारा निर्मित किया गया है.
Surface to air missiles: हाल ही में जब भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा तो ऐसी भी खबर आई कि भारत की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल रक्षा प्रणाली ने पाकिस्तानी वायुसेना के एक F-16 सुपरसोनिक लड़ाकू विमान को मार गिराया. F-16 ने पाकिस्तान के सरगोधा एयरबेस से उड़ान भरी थी, जो पाकिस्तानी वायुसेना का एक अहम एयरफोर्स स्टेशन है. बताया गया था कि भारतीय SAM (सरफेस-टू-एयर मिसाइल) ने सरगोधा एयरबेस के पास फाइटर जेट को मार गिराया. हालांकि, इसको लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन इसने सरफेस-टू-एयर मिसाइलों की ओर ध्यान खींचा. आखिर ये क्या होती हैं?

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.








