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कैंडी क्रश से कॉल ऑफ ड्यूटी तक.. अब सब कुछ भारतीय मूल की आशा शर्मा के हाथ! नडेला के एक फैसले ने गेमिंग इंडस्ट्री में मचाई खलबली
Zee News
Asha Sharma Microsoft Gaming CEO: 38 साल बाद माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग को नया बॉस मिल गया है. सत्या नडेला ने इसके लिए भारतीय मूल की आशा शर्मा का चयन किया है. आशा के नेतृत्व में अब Xbox और कैंडी क्रश जैसे गेम्स में AI का तड़का देखने को मिलेगा. सुंदर पिचाई और नडेला के बाद ग्लोबल टेक लीडरशिप में अब एक और भारतीय नाम चमक गया है.
Asha Sharma Microsoft Gaming CEO: टेक की दुनिया में एक बार फिर भारतीयों का डंका बजा है. दुनिया की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) ने अपने सबसे चर्चित और तेजी से बढ़ते डिवीजन माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग की कमान भारतीय मूल की आशा शर्मा (Asha Sharma) के हाथों में सौंप दी है. सत्या नडेला ने खुद आशा को नया CEO नियुक्त किया है. इससे साफ हो गया है कि गेमिंग की दुनिया में एक फिर भारतीयों का कद बढ़ रहा है. आज शनिवार को माइक्रोसॉफ्ट ने इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि करते हुए कहा कि फिल स्पेंसर अपने पद से हट रहे हैं और उनकी जगह आशा शर्मा अब माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग की नई बॉस होंगी.
सत्या नडेला का खास संदेश अपने कंपनी में इस बड़ी नियुक्ति की घोषणा करते हुए माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन और CEO सत्या नडेला ने कर्मचारियों को एक इमोशनल और इंस्पायरिंग ईमेल भेजा. ईमेल नडेला ने लिखा कि आशा का विजन और उनका ट्रैक रिकॉर्ड उन्हें इस पद के लिए सबसे काबिल बनाता है. गेमिंग अब सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि एक कम्युनिटी है, और आशा इसे नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी. नडेला का यह संदेश साफ करता है कि माइक्रोसॉफ्ट अब एक्सबॉक्स (Xbox) और एक्टिविजन ब्लिजार्ड जैसे बड़े ब्रांड्स को एक नई दिशा में ले जाने के लिए आशा शर्मा की लीडरशिप पर कितना भरोसा कर रहा है.
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क्यों खास है आशा शर्मा का चुना जाना? जब फिल स्पेंसर जैसे दिग्गज की जगह किसी को लाना हो, तो उसके सामने चुनौती बड़ी होती है. सत्या नडेला ने आशा शर्मा पर भरोसा जताकर यह साफ कर दिया है कि माइक्रोसॉफ्ट अब गेमिंग और एआई (AI in Gaming) को एक साथ मिलाने पर फोकस कर रही है. आशा शर्मा को टेक इंडस्ट्री में एक विज़नरी लीडर माना जाता है. वे इससे पहले इंस्टाकार्ट (Instacart) जैसी कंपनियों में बड़े बदलाव कर चुकी हैं. उनकी सबसे बड़ी ताकत है डेटा और कस्टमर एक्सपीरियंस हैं. अब उनके कंधों पर कॉल ऑफ ड्यूटी, कैंडी क्रश और माइनक्राफ्ट जैसे बड़े गेम्स की जिम्मेदारी आ गई हैं.
क्यों अहम है यह नियुक्ति? माइक्रोसॉफ्ट के लिए गेमिंग अब सिर्फ साइड बिजनेस नहीं रह गया है. एक्टिविजन ब्लिजार्ड (Activision Blizzard) एक्विजिशन के बाद, माइक्रोसॉफ्ट दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी गेमिंग कंपनी बन चुकी है. आशा शर्मा के कंधों पर अब कॉल ऑफ ड्यूटी और कैंडी क्रश (Candy Crush) जैसे ग्लोबल गेम्स को मैनेज करने की जिम्मेदारी होगी.
