
केंद्र की मोदी सरकार से कई तालीमी इदारों को मिला माइनॉरिटी स्टेटस
Zee News
किसी भी इदारे को माइनॉरिटी स्टेटस मिलने से उसे स्वायत्ता मिल जाती है. वह उसे नियमन करने के लिए अपने कायदे-कानून लागू करने के लिए स्वतंत्र हो जाते हैं.
नई दिल्लीः विपक्ष अक्सर मौजूदा सरकार पर यह इल्जाम लगाता रहा है कि वह अल्पसख्यक समुदाय के साथ भेदभाव करती है. खासकर अल्पसंख्यक प्रकृति के शैक्षणिक संस्थानों को लेकर सरकार का रवैया ठीक नहीं है और यह भेदभाव से प्रेरित है, लेकिन इस बीच आए अल्पसंख्यक आयोग के जरिए जारी कुछ आंकड़े विपक्ष के आरोपों को गलत साबित करते हैं. अल्पसंख्यक आयोग ने कोरोनकाल के बाद शुरू हुए कामकाज के बाद मुल्कभर के तालीमी इदारों को इतनी तेजी के साथ माइनॉरिटी स्टेटस दिया जिसकी उम्मीद नहीं की जा सकती थी. पिछली सरकारों के मुकाबले ज्यादा हुआ काम क्या मोदी हुकूमत के दौरान अक्लियती तबके से जुड़े इदारों में उसी तरह से काम काम-काज हो रहा है जैसे पहले होता था ? या उसमें बदलाव आया है ? यह सवाल अक्सर उठाया जाता है. आज हम आपके सामने कुछ ऐसे अदादों शुमार रखने जा रहे है जिनको देखकर आप कहेंगे कि मोदी हुकूमत इस मामले में पिछली सरकारों के मुकाबले और ज्यादा तेजी से काम करती नजर आ रही है.More Related News
