
काबुल एयरपोर्ट पर 'नर्क' जैसे हालात! गंदे नाले में खड़े हो अफगानी लगा रहे मदद की गुहार
Zee News
अफगानिस्तान (Afghanistan) के आम लोग नर्क जैसी स्थिति में एयरपोर्ट (Kabul Airport) के बाहर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं और इनमें से कई लोगों ने एयरपोर्ट में घुसने के लिए गंदे नाले से जाने की कोशिश की.
नई दिल्ली: काबुल एयरपोर्ट (Kabul Airport) के बाहर हजारों लोगों की भीड़ जमा है. अनुमान है कि 10 लाख लोग अफगानिस्तान (Afghanistan) से निकलना चाहते हैं, लेकिन बुधवार (25 अगस्त) शाम तक 82 हजार 300 लोगों को ही वहां से निकाला जा सका है. इनमें भी ज्यादातर लोग वो हैं, जो विदेशी नागरिक हैं या जिनके पास किसी ना किसी देश का वीजा है. अफगानिस्तान (Afghanistan) के आम लोग नर्क जैसी स्थिति में एयरपोर्ट के बाहर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं. इनमें से कई लोगों ने एयरपोर्ट में घुसने के लिए गंदे नाले से जाने की कोशिश की. एयरपोर्ट के इस हिस्से में किसी भी व्यक्ति के लिए 10 मिनट भी खड़े रहना मुश्किल है, लेकिन ये लोग गंदे नाले में पिछले कई दिनों से खड़े हुए हैं.
Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.









