
कांग्रेस पर 'मस्जिद' ढहाने के आरोप, ओवैसी की राहुल को खुली चुनौती- हैदराबाद से चुनाव लड़कर देख लें
Zee News
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा-कांग्रेस के लोग बहुत आएंगे. अरे मैं तो तुम्हारे लीडर से कहूंगा कि इस बार वायनाड से नहीं हैदराबाद से मुकाबला करो. मैं चैलेंज कर रहा हूं वायनाड छोड़ो और हैदराबाद आओ. दो हाथ हम आजमा लेंगे और पंजा आजमा लेंगे...आ जाओ.
नई दिल्ली. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (AIMIM) के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने राहुल गांधी हैदराबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की खुली चुनौती दी है. यही नहीं ओवैसी ने आरोप लगाया है कि बाबरी मस्जिद और सेक्रेटेरियट मस्जिद दोनों ही कांग्रेस के शासन काल में ढहाई गई थीं. ओवैसी ने ये बातें एक रैली के दौरान कहीं. | Hyderabad, Telangana: AIMIM chief Asaduddin Owaisi says "I am challenging your leader (Rahul Gandhi) to contest elections from Hyderabad and not Wayanad. You keep giving big statements, come to the ground and fight against me. People from Congress will say a lot of…
— ANI (@ANI)

Ice Breaker missile: भारतीय नौसेना अब अपने बेड़े को और भी ज्यादा खतरनाक बनाने के लिए एक ऐसे मिसाइल सिस्टम पर विचार कर रही है, जो समंदर के बीचों-बीच दुश्मन के होश उड़ा देगा. खबर आ रही है कि भारतीय नौसेना अपने MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टरों को इजरायल की आधुनिक 'आइस ब्रेकर' मिसाइल से लैस करने की योजना बना रही है. खास बात यह है कि भारतीय वायुसेना पहले ही इस मिसाइल को अपनी ताकत में शामिल करने की मंजूरी दे चुकी है.

Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.










