
क़ंदील बलोच की हत्या के मुख्य अभियुक्त को अदालत ने उम्र क़ैद से बरी क्यों किया
BBC
क़ंदील बलोच पाकिस्तान में मुल्तान के एक ग़रीब परिवार से थी. उनका असली नाम फ़ौजिया अज़ीम था लेकिन उन्हें सोशल मीडिया सेलिब्रिटी के रूप में शोहरत क़ंदील बलोच के नाम से मिली थी.
लाहौर हाई कोर्ट की मुल्तान बेंच ने मॉडल और एक्ट्रेस क़ंदील बलोच की हत्या के मुक़दमे में मुख्य अभियुक्त और पीड़िता के भाई मोहम्मद वसीम को उम्र क़ैद की सज़ा से बरी कर दिया है.
लाहौर हाईकोर्ट की मुल्तान बेंच के जस्टिस सुहैल नासिर ने दोनों पक्षों में सुलह होने और गवाहों के बयानों से पलटने पर मुख्य अभियुक्त को बरी कर दिया है. यह फ़ैसला मुख्य अभियुक्त मोहम्मद वसीम की मॉडल कोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील पर सुनवाई करते हुए दिया गया है.
अभियुक्त मोहम्मद वसीम की ओर से एडवोकेट सरदार महबूब ने कोर्ट में दलीलें पेश कीं. ग़ौरतलब है कि मुल्तान की मॉडल कोर्ट ने 27 सितंबर 2019 को क़ंदील बलोच हत्याकांड में फ़ैसला सुनाते हुए मुख्य अभियुक्त और पीड़िता के भाई मोहम्मद वसीम को उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई थी.
सोशल मीडिया पर अपने बेबाक अंदाज़ के लिए पहचानी जाने वाली क़ंदील बलोच की जुलाई 2016 में हत्या कर दी गई थी, तब वह अपने घर में मौजूद थीं. पुलिस जांच में सामने आया था कि उनकी हत्या गला दबाकर की गई थी.
