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कलयुग के 'कालनेमी' कर रहे बैंक बैलेंस साफ! आ गया फेक वेबसाइटों को पहचानने का देसी जुगाड़, आज ही सीख लें तरीका
Zee News
Safe Browsing Tips: कई बार किसी बड़ी वेबसाइट के जैसे दिखने वाली नकली वेबसाइटें आपका बैंक खाता खाली कर देती हैं. ऐसे में आपको किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले कई सावधानियां रखने की जरूरत है. क्योंकि आपकी एक चूक स्कैमर्स का काम आसान कर सकती है. तो आइए जानते हैं कि आप इस तरह के फ्रॉड से कैसे खुद को सेफ रख सकते हैं.
Safe Browsing Tips: इंटरनेट की दुनिया जितनी काम की है, उतनी ही खतरनाक भी हो गई है. आज के समय में इंटरनेट पर 'असली' बनकर बैठे ये कालनेमी आपको लूटने की ताक में हैं. जहां एक तरफ AI की वजह से सब एडवांस हो गया है, तो स्कैमर्स का तरीका भी बदल गया है. स्कैमर्स लोगों के साथ फ्रॉड करने के लिए हर बार कोई नया तरीका खोज लेते हैं. ऐसा ही एक तरीका है फेक वेबसाइट से लोगों को ठगने का. आजकल स्कैमर्स फ्रॉड ऐसी हुबहू वेबसाइटें बना रहे हैं जिन्हें देखकर असली-नकली का फर्क करना नामुमकिन सा लगता है. एक गलत क्लिक और आपकी मेहनत की कमाई पर लुटेरे हाथ साफ कर सकते हैं. ऐसे में आज हम यहां आपको वो आसान तरीका बता रहे हैं, जिसकी मदद से आप किसी भी फेक वेबसाइट के पीछे छिपी उसकी असलियत जान सकेंगे.
Padlock पर न करें आंख मूंदकर भरोसा अक्सर हमें सिखाया जाता है कि अगर वेबसाइट के URL में आपको छोटा सा ताला (Padlock) बना दिख रहा है, तो वह सिक्योर है. लेकिन सावधान! साइबर ठग अब अपनी फर्जी साइटों पर भी HTTPS और यह Padlock लगा रहे हैं. अब आपको केवल लॉक का साइन नहीं देखना है, बल्कि उस पर क्लिक करके Certificate चेक करना है. अगर सर्टिफिकेट किसी अनजान नाम पर है, तो समझ लीजिए दाल में कुछ काला है.
स्पेलिंग का झोल पकड़ना सीखें कई बार ठग लोगों को बड़ी कंपनियों के नाम में हेरफेर करके उसके नाम जैसी वेबसाइट से लूटने की कोशिश करते हैं. जैसे 'google.com' की जगह 'g00gle.com' या 'amazon.in' की जगह 'amaz0n-offers.net'. कई बार ये अंतर इतनी बारीकी से किए जाते हैं कि जल्दबाजी में हमारी नजर उस पर नहीं पड़ती. ऐसे में किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले आप उसकी स्पेलिंग को ध्यान से पढ़ें. अगर नाम में अजीबोगरीब नंबर या डैश (-) लगे हैं, तो वहां से तुरंत भाग निकलें.
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फ्री के लालच में न फंसे अगर कोई वेबसाइट आपको iPhone ₹999 में देने या रातों-रात पैसा डबल करने का वादा कर रही है, तो वह पक्की फर्जी है. ऐसी साइटें अक्सर पॉप-अप विज्ञापनों के जरिए खुलती हैं. असली वेबसाइटें कभी भी आपसे क्रेडिट कार्ड की जानकारी या OTP मांगने के लिए डरावने मैसेज नहीं भेजतीं. ऐसे में आप खुद ऐसे फ्री के लालच में न फंसें.
