
कर्ज माफी के लिए China के सामने Imran Khan ने फैलाई झोली, Dragon ने कहा, ‘फिलहाल राहत देना संभव नहीं’
Zee News
चीन की कम्युनिस्ट सरकार ने पाकिस्तान को दो टूक शब्दों में कहा है कि समझौते की किसी भी शर्त को बदलना संभव नहीं है. रिपोर्ट में बताया गया है कि पाकिस्तान पर 30 दिसंबर 2020 तक कुल 294 अरब डॉलर का कर्ज था, जो उसकी कुल GDP का 109 प्रतिशत है.
इस्लामाबाद: आर्थिक बदहाली के दौर से गुजर रहे पाकिस्तान (Pakistan) का चीन (China) ने भी साथ छोड़ दिया है. इमरान खान (Imran Khan) सरकार ने कर्ज माफ करने के लिए चीन के सामने झोली फैलाई थी, लेकिन बीजिंग ने साफ शब्दों में इनकार कर दिया है. दरअसल, पाकिस्तान ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) के तहत 3 अरब डॉलर के कर्ज को पुनर्गठित करने का अनुरोध किया था. इमरान सरकार चाहती है कि चीन इस मुश्किल वक्त में उसका कर्ज माफ कर दे. इसी उम्मीद में उसने राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) से गुहार लगाई थी, मगर उन्होंने इनकार कर दिया. एशिया टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन (China) ने पाकिस्तान में बनाए ऊर्जा प्लांट पर करीब 19 अरब डॉलर का निवेश किया है. पाकिस्तान के अनुरोध के जवाब में बीजिंग ने कहा है कि ऊर्जा खरीद पर हुए समझौते को पुनर्गठित करना फिलहाल संभव नहीं है, क्योंकि कर्ज में किसी भी तरह की राहत के लिए चीनी बैंकों को अपने नियम और शर्तों में बदलाव करना होगा.
US Air Force B-1B Lancer bombers: B-1B लांसर बॉम्बर्स की तैनाती प्रशांत क्षेत्र में बढ़ाने की तैयारी में है. इसका मुख्य कारण इन विमानों में Long Range Anti-Ship Missile (LRASM) का शामिल किया जाना है. इससे इन्हें दुश्मन के समुद्री बेड़े पर हमला करने की बड़ी क्षमता मिलती है. अमेरिका B-1B बॉम्बर्स को चीन के तेजी से बढ़ते सतह युद्धपोत बेड़े के मुकाबले एक असमान रणनीतिक हथियार के तौर पर देख रहा है.

F-15 Eagle fighter jet: आवाज की रफ्तार से भी तेज और मौत की तरह सटीक, यह एक ऐसे लड़ाकू विमान की कहानी है जिसने आज तक हार का स्वाद नहीं चखा. जब यह आसमान में निकलता है, तो दुश्मन के रडार कांपने लगते हैं और उसके पायलटों के पास केवल भागने का रास्ता बचता है. साल 2025 तक के इतिहास में इस विमान ने 100 से ज्यादा हवाई मुकाबले किए हैं और हर बार यह विजेता बनकर ही लौटा है.

