
कन्हैया, मेवाणी ने 2 राज्यों में कांग्रेस के पुनर्गठन में देरी की?
Zee News
कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवाणी ने हाल ही में राहुल गांधी से मुलाकात की है. इसी के बाद से ये कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों नेता कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं.
नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी की दो राज्य इकाइयों, बिहार और गुजरात में संगठनात्मक पुनर्गठन को रोक दिया गया है, क्योंकि बिहार के भाकपा नेता कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) और गुजरात से निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी (Jignesh Mevani) के साथ बातचीत को अभी तक अंतिम रूप नहीं दिया गया है. दोनों नेताओं ने हाल ही में राहुल गांधी (Rahul Gandhi) से मुलाकात की थी और सूत्रों का कहना है कि इन नेताओं और कांग्रेस पार्टी के बीच बातचीत चल रही है. हालांकि इस बीच प्रदेश प्रभारी भक्त चरण दास की अनुशंसा के बावजूद बिहार कांग्रेस कमेटी में फेरबदल की घोषणा में देरी हुई है.
सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस इन दोनों नेताओं को विधान सभा चुनाव से पहले और खासकर मेवाणी को गुजरात चुनाव से पहले भीड़ खींचने की उनकी क्षमता के लिए शामिल करना चाहती है. मेवाणी गुजरात में निर्दलीय विधायक हैं और उन्होंने कांग्रेस के समर्थन से चुनाव जीता है. अल्पेश ठाकोर, हार्दिक पटेल और मेवाणी की तिकड़ी 2017 के चुनावों में कांग्रेस के साथ थी, जब कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन चुनाव नहीं जीत सकी थी और अब कांग्रेस चुनाव से पहले मेवाणी को साथ लेना चाहती है, जबकि अल्पेश भाजपा में शामिल हो गए हैं. हालांकि गुरुवार को एआईसीसी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पूछे जाने पर अजय माकन ने जवाब दिया कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है, लेकिन उन्होंने कहा कि अगर कुछ होता है तो मीडिया को सूचित किया जाएगा.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.

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Indian Army के 5 वॉर वेपन्स, जिससे थर-थर कांपती दुनिया; आखिरी वाला पाकिस्तान का कहलाता 'जानी' दुश्मन
Indian Army war weapons: भारतीय सेना की गिनती दुनिया की सबसे घातक सैन्य ताकतों में होती है. इसके पीछे की वजह लाखों में भर्ती जवानों की संख्या ही नहीं है, बल्कि उनके हाथों में मौजूद वे मॉडर्न हथियार भी हैं. जो दुश्मन की किसी भी हिमाकत का तुरंत जवाब देने के लिए काफी हैं. ऐसे में आइए इंडियन आर्मी के 5 वॉर वेपन्स के बारे में जानते हैं.

Fihgter jet War: ऑपरेशन सिंदूर में फाइटर जेट्स की जंग की असली तस्वीर दुनिया के सामने आ गई है.पाकिस्तान के इशारे पर फैलाया गया, विदेशी मीडिया का प्रोपेगैंडा फेल हो गया है. ओपन सोर्स इंटेल और ऑस्ट्रेलिया बेस्ड संगठन के मुताबिक, जंग में कम से कम पाकिस्तान के 6 से 9 विमान नष्ट हुए हैं. इसके अलावा हैंगर पर भारतीय हमले में भी फाइटर जेट नष्ट हुए हैं. ऐसे कुल संख्या करीब 19 पहुंच जाती है.

Astra MkII missile: भारत का रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी DRDO अब अपनी सबसे आधुनिक मिसाइल Astra MkII को दुनिया भर में बेचने की तैयारी कर रहा है. हालिया रिपोर्ट की मानें तो इस मिसाइल को 2026 के मध्य तक बड़े पैमाने पर उत्पादन की मंजूरी मिलने की उम्मीद है. इसके साथ ही, कई देशों ने इस भारतीय मिसाइल को अपने लड़ाकू विमानों में लगाने की इच्छा भी जाहिर की है.

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DRDO AL-HCM missile: भारत के रक्षा वैज्ञानिकों ने एक ऐसी मिसाइल पर काम शुरू कर दिया है जो भविष्य के युद्धों का चेहरा बदल देगी. यह मिसाइल इतनी तेज होगी कि दुश्मन को पलक झपकने का मौका भी नहीं मिलेगा. हवा से छोड़ी जाने वाली यह हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल (AL-HCM) भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों को वो ताकत देगी, जिसका मुकाबला करना फिलहाल किसी भी देश के लिए नामुमकिन है.





