
एनिडेस्क सॉफ्टवेयर से करते डेटा चोरी, चंद मिनटों में खाली कर देते अकाउंट, अब चढ़े पुलिस के हत्थे
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बिलासपुर पुलिस के ऑपरेशन क्लीन साइबर को बड़ी सफलता मिली है. आधुनिक तरीके से साइबर अपराध करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह को पुलिस की टीम ने बिहार और झारखंड से गिरफ्तार किया.
शैलेंद्र सिंह ठाकुर/बिलासपुर: बिलासपुर पुलिस के ऑपरेशन क्लीन साइबर को बड़ी सफलता मिली है. आधुनिक तरीके से साइबर अपराध करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह को पुलिस की टीम ने बिहार और झारखंड से गिरफ्तार किया. क्रेडिट कार्ड के कस्टमर केयर के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया गया है. बिलासपुर जिले में कुछ लोगों को एनिडेस्क सॉफ्टवेयर के जरिये फंसाया गया था. ठगी के शिकार लोगों ने पुलिस को शिकायत दी थी. पुलिस ने शिकायत सही पाई. इसके बाद साइबर सेल टीम को झारखंड और बिहार रवाना किया गया. जहां सोरठ में पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना को गिरफ्तार कर लिया. इन दोनों आरोपियों को पकड़कर पुलिस बिलासपुर लेकर आई है. पुलिस ने इनके पास से 6 मोबाइल, सिम आधार कार्ड और क्रेडिट कार्ड के साथ 39 हजार रुपये नगद बरामद किया है.
Ice Breaker missile: भारतीय नौसेना अब अपने बेड़े को और भी ज्यादा खतरनाक बनाने के लिए एक ऐसे मिसाइल सिस्टम पर विचार कर रही है, जो समंदर के बीचों-बीच दुश्मन के होश उड़ा देगा. खबर आ रही है कि भारतीय नौसेना अपने MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टरों को इजरायल की आधुनिक 'आइस ब्रेकर' मिसाइल से लैस करने की योजना बना रही है. खास बात यह है कि भारतीय वायुसेना पहले ही इस मिसाइल को अपनी ताकत में शामिल करने की मंजूरी दे चुकी है.

Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.










