
एक बिहारी जो मैला धोने की प्रथा के खिलाफ बना 'नायक', कहानी सुलभ के बिंदेश्वर पाठक की
ABP News
पद्म भूषण से सम्मानित बिंदेश्वर पाठक ने 1970 के दशक में सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विसेज की नींव रखी थी. इसके जरिये उन्होंने पूरे देश में बस अड्डों, रेलवे स्टेशन और दूसरी सार्वजनिक जगहों पर शौचालय बनाए.
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