
'उपराष्ट्रपति बनना चाहते थे' ...सुशील मोदी के दावे को नीतीश कुमार ने बताया बकवास
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी के उस दावे को ‘बकवास और फर्जी’ करार दिया कि वह (नीतीश) भारत का उपराष्ट्रपति बनना चाहते थे. पटना में बृहस्पतिवार को पत्रकारों ने नीतीश से इस संबंध में सवाल किया था.
नई दिल्लीः बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी के उस दावे को ‘बकवास और फर्जी’ करार दिया कि वह (नीतीश) भारत का उपराष्ट्रपति बनना चाहते थे. पटना में बृहस्पतिवार को पत्रकारों ने नीतीश से इस संबंध में सवाल किया था.
राष्ट्रपति-उपराष्ट्रपति चुनाव में राजग उम्मीदवार को दिया था समर्थन उनसे पूछा गया कि क्या उपराष्ट्रपति नहीं बनाए जाने के कारण उन्होंने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) छोड़ा. इस पर नीतीश कुमार ने कहा, ‘हमारे उपराष्ट्रपति बनने की इच्छा वाली बात बकवास है. हमारी ऐसी कोई इच्छा नहीं थी.’ उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनाव में हमारी पार्टी ने पूरी तरह से राजग उम्मीदवार को समर्थन दिया था. राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनाव के बाद ही हमने पार्टी की बैठक की.’

Ice Breaker missile: भारतीय नौसेना अब अपने बेड़े को और भी ज्यादा खतरनाक बनाने के लिए एक ऐसे मिसाइल सिस्टम पर विचार कर रही है, जो समंदर के बीचों-बीच दुश्मन के होश उड़ा देगा. खबर आ रही है कि भारतीय नौसेना अपने MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टरों को इजरायल की आधुनिक 'आइस ब्रेकर' मिसाइल से लैस करने की योजना बना रही है. खास बात यह है कि भारतीय वायुसेना पहले ही इस मिसाइल को अपनी ताकत में शामिल करने की मंजूरी दे चुकी है.

Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.










