
उत्तर प्रदेश में युवाओं की श्रम बल भागीदारी दर में पिछले 3 वर्षों में बड़ी गिरावट: सीएमआईई डेटा
The Wire
सेंटर फॉर मॉनिटरिंग द इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) द्वारा जारी किए गए आंकड़े बताते हैं कि राज्य में युवा श्रम भागीदारी दर कोविड-19 महामारी शुरू होने के बाद से लगातार गिर रही है. 20-24 साल के युवाओं के बीच रोज़गार दर में भारी गिरावट आई है.
नई दिल्ली: सेंटर फॉर मॉनिटरिंग द इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों से उत्तर प्रदेश में रोजगार की स्थिति के बारे में एक चिंताजनक विवरण सामने आया है. राज्य में युवा श्रम भागीदारी दर कोविड-19 महामारी शुरू होने के बाद से लगातार गिर रही है. (1/4) #UP‘s plummeting #youth labour participation rateshttps://t.co/z7L4Li3V5H#employment#IndianEconomy pic.twitter.com/4idGIlFz8g चलिए ये मान भी लिया जाए कि मुख्यमंत्री जी अगले 4 साल में उप्र के बेरोज़गारों को 2 करोड़ रोज़गार देंगे तो इसका मतलब होगा प्रतिदिन लगभग 13,700 या प्रति माह 4.17 लाख लोगों को रोज़गार मिलेगा। भाजपा सरकार से आग्रह है कि इस झूठ को हर दिन या हर माह सच्चे आँकड़े प्रकाशित करके साबित करे।
— CMIE (@_CMIE) March 6, 2023 — Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) March 6, 2023
उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी दर 4.2 फीसदी है, जो पूरे भारत के औसत 7.1 फीसदी से काफी कम है. एक बार रोजगार और श्रम बल भागीदारी – विशेष तौर पर 20-24 वर्ष आयु वर्ग के लिए – में समग्र गिरावट के सादृश्य देखते हैं तो परिदृश्य उजला नजर नहीं आता.
