
इमरान ख़ान ने दिया अपने ख़ून का हवाला, क्या यह बैकफ़ायर करेगा?
BBC
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने रैली में अपने ख़ून का हवाला दिया और अमेरिका को आड़े हाथों लिया. लेकिन पाकिस्तान के विशेषज्ञों का कहना है कि इमरान ख़ान ने अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मारी है.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान क्या देश के भीतर अमेरिका विरोधी भावनाओं का दोहन कर रहे हैं? जानकारों की राय इस पर बंटी हुई है.
इमरान ख़ान की नाराज़गी हाल के महीनों में अमेरिका के ख़िलाफ़ सार्वजनिक रूप से दिखी है. रविवार को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने एक बार फिर से इस्लामाबाद में पश्चिम के राजनयिकों को आड़े हाथों लिया.
पिछले हफ़्ते पाकिस्तान में पश्चिम के राजनयिकों ने इमरान ख़ान से कहा था कि वह यूक्रेन पर रूस के हमले की निंदा करें. इसके लिए यूरोपियन यूनियन के राजनयिकों ने पाकिस्तान की सरकार को एक ख़त लिखा था.
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को यह ख़त नागवार गुज़रा. उन्होंने रविवार को पंजाब प्रांत के वेहारी में एक रैली को संबोधित करते हुए ईयू के राजनयिकों को आड़े हाथों लिया.
इमरान ख़ान ने कहा, ''हमने कभी पाकिस्तान को झुकने नहीं दिया. न आज तक इमरान ख़ान किसी के आगे झुका है और इंशाअल्लाह जब तक मेरे में ख़ून है, मैं अपनी कौम को किसी के आगे झुकने नहीं दूंगा. पाकिस्तान को यूरोपियन यूनियन के लोगों ने ख़त लिखा कि आप रूस के ख़िलाफ़ बयान दें. मैं यूरोपियन यूनियन के राजदूतों से पूछता हूँ कि क्या आपने हिन्दुस्तान को भी यह ख़त लिखा था? ये वो पाकिस्तान था जिसने नेटो की मदद की. हमने उनका साथ दिया. मैं ऐसा नहीं करता, लेकिन उस वक़्त की सरकार ने उनका साथ दिया था.''
