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इंडियन कमांडो को मिलेगा घातक हथियार, Rapter राइफल देगी ‘चुपचाप मौत बांटने’ की ताकत; जानें रेंज
Zee News
Raptor rifle India: भारतीय स्पेशल फोर्सेज को जल्द ही एक नया और शक्तिशाली हथियार मिल सकता है. भारत की एक निजी कंपनी SSS Defence ने एक खास स्वदेशी राइफल पेश की है, जिसका नाम रैप्टर (Raptor) है. यह राइफल खास तौर पर कमांडो की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई गई है.
Raptor rifle India: जब बात विशेष ऑपरेशन की आती है, तो कमांडो को एक ऐसे हथियार की जरूरत होती है जो हल्का हो, बहुमुखी हो और चुपचाप काम कर सके. भारत में ऐसी जरूरतों को पूरा करने के लिए अब तक विदेशी राइफलों पर निर्भरता थी. लेकिन अब, SSS Defence ने .300 Blackout caliber की एक स्वदेशी राइफल 'रैप्टर' को पेश करके इस कमी को दूर करने का बीड़ा उठाया है. यह राइफल अपनी एडवांस टेक्नोलॉजी और डिजाइन के कारण दुश्मन को सोचने का मौका भी नहीं देगी और भारत को छोटे हथियारों के मामले में आत्मनिर्भर बनाएगी.

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.








