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इंडियन एयरफोर्स 6वीं पीढ़ी फाइटर जेट से होगी लैस, 'लेजर' ताकत सुनकर थर्राई दुनिया; रखा जा रहा ये नाम
Zee News
Indian Air force AMCA FX 6th gen fighter jet: इंडियन एयरफोर्स के 6वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान में Mach 5 स्पीड वाली हाइपरसोनिक मिसाइल से लैस करने की प्लानिंग है. इतना ही नहीं, इसमें लेजर हथियार भी लगाए जा सकते हैं.
Indian Air force AMCA FX 6th gen fighter jet: दुनिया भर के ताकतवर देशों में पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान बनाने की होड़ मची हुई है. भारत भी इन्हीं गिने-चुने ताकतवर देशों में शुमार है. जो अपना खुद का पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान AMCA बना रहा है. इसी बीच, भारत एक और घातक प्लानिंग बना रहा है. जिसके तहत, हवाई ताकत 5वीं पीढ़ी से बढ़कर 6वीं पीढ़ी तक हो जाएगी. जी हां, भारत भविष्य में AMCA को अपग्रेड कर 6वीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान बनाएगा. ऐसे में, आइए पूरी प्लानिंग जानते हैं.

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.








