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इंडियन एयरफोर्स बरपाएगी कहर, क्या पाकिस्तान और चीन, रूस ने दे डाली पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट की पूरी स्क्रिप्ट
Zee News
Sukhoi Su-57E fifth-generation stealth fighter: भारत के साथ अपनी रक्षा साझेदारी को गहरा करने और भारतीय वायु सेना (IAF) के महत्वपूर्ण स्क्वाड्रन की कमी को दूर करने के लिए एक रणनीतिक प्रयास में रूस ने सुखोई Su-57E पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर और Su-35M 4.5-पीढ़ी के एयर सुपीरियरिटी फाइटर को लेकर भारत को एक डबल प्रस्ताव भेजा है.
Indian Air Force: भारत के पास कोई पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट नहीं है. दूसरी ओर चीन और पाकिस्तान से जंग की स्थिति हमेशा बना रहती है, जहां चीन पाकिस्तान को पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान भी देने वाला है. ऐसे में भारत भी स्वदेशी रूस से अपने पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान बनाने की मंजूरी दे चुका है, लेकिन अगर भारत को दुनिया का सबसे बेहतरीन पांचवीं पीढ़ी का फाइटर जेट मिल जाए तो? इससे इंडियन एयरफोर्स कहर मचा देगी.

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.








