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इंडियन एयरफोर्स नहीं खरीदेगी राफेल, 114 लड़ाकू विमानों पर लगा ताला? ToT के चलते इन दो 'हत्यारे' फाइटर जेट पर लगाया दांव
Zee News
Rafale F-4 deal delay: भारतीय वायुसेना अपनी स्वीकृत 42 स्क्वाड्रन की संख्या के मुकाबले, वायुसेना के पास अभी 31 स्क्वाड्रन ही हैं, और पुराने MiG-21, जगुआर जैसे विमान अगले कुछ सालों में रिटायर होने वाले हैं. इस अंतर को तुरंत भरने के लिए वायुसेना 114 अतिरिक्त राफेल मल्टी-रोल फाइटर जेट्स को खरीदने की प्लानिंग बना रही थी.
Rafale F-4 deal delay: भारतीय वायुसेना (IAF) अपनी कम होती लड़ाकू स्क्वाड्रन की संख्या को बढ़ाने के लिए समय से मुकाबला कर रही है. वायुसेना 114 अतिरिक्त राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को जल्द से जल्द पूरा करना चाहती है, क्योंकि मौजूदा खतरों के लिए उसे तुरंत भरोसेमंद क्षमता चाहिए. हालांकि, इस खरीद में टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की शर्त एक बड़ी बाधा बन रही है. दूसरी ओर, भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान प्रोजेक्ट तेजस Mk2 और पांचवी पीढ़ी का AMCA भी जोर पकड़ रहे हैं. वायुसेना के सामने यह बड़ी दुविधा है कि वह तत्काल क्षमता के लिए विदेशी राफेल को चुने या लंबे समय तक खुद ही फाइटर जेट डेवलप करने के लिए स्वदेशी प्रोजेक्ट्स में भारी निवेश कर रहे हैं.क
