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इंडियन एयरफोर्स के फाइटर जेट्स में लगेगा 'डिजिटल कवच', ब्लॉकचेन से तेजस और AMCA की बढ़ेगी 'प्रोडक्शन' रफ्तार
Zee News
Indian Airforce blockchain: ब्लॉकचेन का मुख्य उद्देश्य LCA Mk2 और AMCA जैसे जटिल कार्यक्रमों से जुड़ी चुनौतियों को सुलझाना है, जिनमें लंबी आपूर्ति सीरिज, डेटा और अन्य अपडेट्स को वेरिफाई करना है. जिससे तेजी से प्रोडक्शन में मदद मिलेगी.
Indian Airforce blockchain LCA Tejas Mk2 production: भारत अपने सबसे महत्वाकांक्षी रक्षा परियोजनाओं, लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) Mk2 और एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) कार्यक्रमों में क्रांति लाने के लिए अत्याधुनिक ब्लॉकचेन तकनीक को अपना रहा है. यह एक ऐसा गेम-चेंजिंग फैसला है जो इन फाइटर जेट कार्यक्रमों के बुनियादी ढांचे और आपूर्ति श्रृंखलाओं को पूरी तरह से बदल देगा. ब्लॉकचेन तकनीक के इस्तेमाल से रक्षा विनिर्माण प्रक्रियाएं न केवल तेज होंगी, बल्कि उनमें अभूतपूर्व स्तर की पारदर्शिता, सुरक्षा और जवाबदेही भी आएगी.

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.








