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इंडियन एयरफोर्स के देसी मिसाइल की 'गुंडागर्दी', चीनी J-20 और J-35 को ढूंढ-ढूंढकर मारेगी; फाइटर जेट में हो रही लैस
Zee News
Astra Mk2 missile India: भारतीय वायुसेना ने अपनी हवाई युद्ध क्षमता को और मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. वायुसेना ने रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा बनाई गई स्वदेशी अस्त्र Mk-II मिसाइल को अपने विमानों में तेजी से लगाने का काम शुरू कर दिया है. यह मिसाइल भारत की सुरक्षा के लिए एक बहुत जरूरी हथियार साबित होगी.
Astra Mk2 missile features: आज की दुनिया में, किसी भी देश की सुरक्षा के लिए मजबूत हवाई ताकत का होना सबसे ज्यादा जरूरी है. जब दुश्मन देश अपने हवाई बेड़े को लगातार आधुनिक बना रहे हों, तो अपनी वायुसेना को भी उसी हिसाब से तैयार रखना पड़ता है. चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों के पास आधुनिक लड़ाकू विमान हैं, जो भारत के लिए एक चुनौती हैं. इस चुनौती का जवाब देने के लिए, भारतीय वायुसेना को एक ऐसे हथियार की जरूरत थी जो दुश्मन के विमानों को उनकी सीमा से बहुत दूर ही मार गिरा सके.

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.








