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इंडियन एयरफोर्स के 'तेजस' की दहाड़ होगी और मजबूत, अमेरिकी F404 इंजन से रफ्तार होगी दोगुनी; जानें पूरी प्लानिंग
Zee News
Tejas fighter jet engine: अब इंडियन एयरफोर्स के तेजस फाइटर जेट्स की दहाड़ और भी दमदार होगी, क्योंकि अमेरिका ने F404 इंजन की सप्लाई मार्च 2026 तक जारी रखने का ऐलान किया है. जिससे HAL हर महीने 2 लड़ाकू विमान तैयार करने में सक्षम होगा.
Tejas F404 engine delivery schedule: दुनिया में किसी देश की ताकत उसके फाइटर जेट के बेड़े पर निर्भर करती है. ऐसे में हवाई ताकत बढ़ाने के लिए भारत जोरों शोरों से कई प्रोग्राम पर काम कर रहा है. ऐसे में, तेजस Mark 1 और Mark 1A वेरिएंट को ताकत देने के लिए अमेरिका ने बड़ा फैसला लिया है. दरअसल, अमेरिका लगातार F404 इंजन सप्लाई करने की बात कही है. लगातार इंजन की सप्लाई ऐसे समय में हो रही है जब भारत की वायुसेना अपने पुराने मिग-21 बेड़े को आधुनिक 4.5-जनरेशन के फाइटर जेट्स से बदलना चाहती है. तो चलिए, जानते हैं इस फैसले के क्या मायने हैं और ये तेजस प्रोग्राम के लिए कितना अहम है.

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.








