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इंडियन एयरफोर्स की पहली महिला फाइटर जेट पायलट, जानें स्क्वाड्रन लीडर अवनी चतुर्वेदी की बहादुरी का किस्सा
Zee News
Indian Air Force Day 2025: एक महिला पायलट, जो आसमान में तेज हवा के बीच मिग-21 जैसे खतरनाक लड़ाकू विमान में उड़ान भरती है. आज हम आपको भारतीय वायुसेना की पहली महिला फाइटर पायलट की कहानी के बारे में बताएंगे. कैसे उनकी हिम्मत और मेहनत हर किसी को हैरान कर देती है.
Indian women in Indian Air Force: भारतीय सेना के इतिहास में कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो अपने काम से ही नहीं बल्कि दूसरों के लिए रास्ता बनाने के लिए भी याद रहते हैं. ऐसी ही एक कहानी भारतीय वायुसेना की पहली महिला फाइटर पायलटों में से एक की है. मध्य प्रदेश के एक छोटे शहर से निकली अवनी चतुर्वेदी ने भारतीय वायुसेना में कदम रखा और 2016 में पहली महिला फाइटर पायलट बनीं. 2018 में उन्होंने मिग-21 जेट में अकेले उड़ान भरी और इतिहास बना दिया. फिर 2023 में वे जापान में उन्होंने ट्रेनिंग में हिस्सा लेने वाली पहली भारतीय महिला पायलट बनीं. उनकी यह कहानी हमे बताती है कि अगर आप मेहनत से काम करो तो कोई भी मुश्किल बड़ी नहीं लगती.

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.








