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इंडियन आर्मी के टैंकों को मिलेगी 'सुपरपावर'! DRDO जल्द लाएगा 1500 HP इंजन का दूसरा बैच प्रोटोटाइप
Zee News
Arjun MBT 1500 HP engine: इंडियन आर्मी के मेन बैटल टैंक के पहले बैच के प्रोटोटाइप की शुरुआती टेस्टिंग पूरी होने के बाद अब दूसरा और अंतिम प्रोटोटाइप बैच तैयार किया जा रहा है.
DRDO Arjun MBT 1500 HP engine: भारतीय सेना की ताकत में जल्द बड़ा इजाफा होने वाला है. दरअसल, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने भारत के स्वदेशी अर्जुन मेन बैटल टैंक (MBT) की ताकत बढ़ाने की दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल की है. DRDO अब 1500 हॉर्सपावर वाले इंजन प्रोटोटाइप का दूसरा बैच रोलआउट करने की तैयारी में है. यह इंजन, खास तौर पर भारी और एडवांस टैंकों के लिए डिजाइन किया गया है. इस इंजन के आने से अर्जुन टैंक की स्पीड, मोबिलिटी और लड़ने की क्षमता में जबरदस्त सुधार होगा, जो इसे विश्वस्तरीय टैंकों की श्रेणी में ला खड़ा करेगा.

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.








