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आसमान में दुश्मन बोलेगा- माफ करो मालिक! इंडियन एयरफोर्स के 200 Su-30MKI बनेंगे 'सुपर सुखोई', F-15EX-J16 की छुट्टी तय
Zee News
Su-30MKI upgrade: भारतीय वायुसेना अपने करीब 200 Su-30MKI फाइटर जेट्स का कायापलट करने जा रही है. जिसकी मदद से इन्हें 'सुपर सुखोई' में तब्दील किया जाएगा. जो 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों को टक्कर देने की काबिलियत रखेंगे.
Su-30MKI upgrade: इंडियन एयरफोर्स अपने सबसे भरोसेमंद लड़ाकू विमान को नया अवतार देने जा रहा है. ऐसे में यह विमान एडवांस फाइटर जेट की श्रेणी में शुमार हो जाएगा. रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय वायुसेना Su-30MKI के बेड़े को आधुनिक बनाने का एक बड़ा प्रोजेक्ट शुरू कर दिया है. इस प्रोजेक्ट के तहत, करीब 200 Su-30MKI जेट्स को 4.5 से 4.7 जनरेशन के लेवल पर अपग्रेड किया जाएगा. इस अपग्रेड में विमान को AI से लैस कॉकपिट और स्वदेशी रूप से विकसित 'विरुपाक्ष' AESA रडार से लैस किया जाएगा. जो भारतीय सेना को एक एडवांस और करीब-करीब 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान की श्रेणी में लाकर खड़ा कर देगा. बशर्ते स्टील्थ टेक्नोलॉजी नहीं होगी, जिसकी भरपाई लंबी रेंज की मिसाइलों और घातक स्पीड से होगी.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.

C-130J Super Hercules: भारत सरकार जल्द ही MTA प्रोग्राम के लिए Request for Proposal (RFP) जारी करने की तैयारी में है. बढ़ी हुई रेंज वाला C-130J भारत की अलग-अलग जरूरतों के लिए अधिक उपयोगी माना जा रहा है. इसमें लंबी दूरी की लॉजिस्टिक्स सपोर्ट, स्पेशल फोर्स ऑपरेशन, आपदा राहत मिशन और छोटे रनवे से ऑपरेशन शामिल हैं. अधिक रेंज होने से विमान बिना बार-बार ईंधन भरे बड़े इलाके को कवर कर सकेगा.








