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आजादी से पहले का सबसे बड़ा छात्र आंदोलन, जानिए भारत छोड़ो आंदोलन की पूरी कहानी
Zee News
1942 का भारत छोड़ो आंदोलन आजादी की लड़ाई का निर्णायक मोड़ था. गांधीजी के करो या मरो नारे पर देशभर के छात्र सड़कों पर उतरे. जुलूस निकाले, तिरंगा फहराया और अंग्रेजी हुकूमत को खुली चुनौती दी. इस आंदोलन ने युवाओं के साहस और बलिदान की मिसाल कायम की.
आजादी की लड़ाई में कई आंदोलन हुए, लेकिन साल 1942 का भारत छोड़ो आंदोलन सबसे खास था. यह वो समय था जब पूरे देश में अंग्रेजों के खिलाफ गुस्सा उबल रहा था और इस गुस्से की सबसे बड़ी ताकत बने थे, देश के छात्र. कॉलेज और स्कूलों के युवा पढ़ाई छोड़कर सड़कों पर उतर आए, नारे लगाए, तिरंगा फहराया और अंग्रेज हुकूमत को खुली चुनौती दे दी.
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