)
अमेरिका के 850 अरब डॉलर डिफेंस मार्केट में भारत की एंट्री! प्राइवेट कंपनियों की चांदी, होने जा रही मेगा डील
Zee News
India US defence agreement: भारत सरकार और रक्षा मंत्रालय अमेरिका के साथ एक खास 'रेसिप्रोकल डिफेंस एग्रीमेंट' करने की तैयारी में हैं. इस समझौते के बाद भारत की प्राइवेट रक्षा कंपनियों को अमेरिका के सरकारी रक्षा टेंडर्स में सीधे हिस्सा लेने का मौका मिलेगा. इससे भारत के डिफेंस एक्सपोर्ट में कई गुना बढ़ोतरी होने की उम्मीद है.
India US defence agreement: भारत और अमेरिका के बीच एक ऐसा समझौता होने जा रहा है जो भारत की प्राइवेट कंपनियों के लिए तरक्की के सारे दरवाजे खोल देगा. अब तक हम अमेरिका से बड़े-बड़े हथियार खरीदते आए हैं, लेकिन अब वक्त बदल रहा है. जल्द ही ऐसा हो सकता है कि अमेरिकी सेना के विमानों और टैंकों में भारत की प्राइवेट कंपनियों के बने कलपुर्जे लगे हों. दरअसल, अभी तक की स्थिति यह है कि अमेरिका अपने रक्षा बजट का बड़ा हिस्सा सिर्फ अपने देश की कंपनियों या बहुत खास सहयोगी देशों जैसे ब्रिटेन या ऑस्ट्रेलिया पर ही खर्च करता है. अमेरिका का रक्षा बजट करीब 850 अरब डॉलर का है, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है. भारत इस बड़े बाजार का हिस्सा बनना चाहता है.
