
अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी को मुंबई HC से एक और झटका, कहा- पुलिस सूत्रों पर आधारित खबरें मानहानिकारक कैसे ?
Zee News
शिल्पा ने एक अंतरिम अर्जी के जरिए मीडिया को किसी भी ‘‘गलत, झूठी, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक’’ कंटेंट शाया करने से रोकने का अनुरोध किया था.
मुंबईः बंबई उच्च न्यायालय ने जुमे को कहा कि बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के खिलाफ रिपोर्टिंग करने से मीडिया को रोकने का आदेश जारी करने से प्रेस की आजादी पर गलत असर पड़ेगा. अदालत ने कहा है कि गूगल, यूट्यूब और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया मंचों की संपादकीय सामग्री पर नियंत्रण की मांग करने वाला आपका अनुरोध खतरनाक है. बहरहाल, उच्च न्यायालय ने वाद में सभी प्रतिवादियों को अपना हलफनामा दाखिल करने का हुक्म दिया और विषय की अगली सुनवाई 20 सितंबर के लिए तय कर दी है. हालांकि, न्यायामूर्ति गौतम पटेल ने हिदायत दी है कि निजी व्यक्तियों के यूट्यूब चैनलों पर अपलोड की गई तीन वीडियो हटा दी जाएं और इन्हें फिर से अपलोड नहीं किया जाए क्योंकि वे दुर्भावनापूर्ण हैं और यह विषय की सच्चाई जांच करने की तनिक भी कोशिश नहीं करते हैं. अदालत ने यह भी कहा कि प्रेस की आजादी इंसान के निजता के अधिकार के साथ संतुलित रखनी होगी. अदालत, 19 जुलाई को कुंद्रा की गिरफ्तारी के बाद शिल्पा और उनके परिवार के खिलाफ मुबैयना मानहानिकारक आर्टिकल शाया किए जाने पर अदाकारा के जरिए दायर एक मुकदमे पर सुनवाई कर रही है. कुंद्रा (45) अभी न्यायिक हिरासत के तहत जेल में हैं. पुलिस सूत्रों से लिखी खबर मानहानिकारक नहीं हो सकती न्यायामूर्ति पटेल ने कहा कि शिल्पा ने अपने वाद में जिन लेखों का जिक्र किया है वे मानहानिकारक नहीं लगते हैं. अदालत ने इस बात का जिक्र किया कि वाद में जिक्र किए गए ज्यादातर लेख, पुलिस सूत्रों पर मुबनी हैं, जिनमें एक में यह दावा किया गया है कि जब पुलिस कुंदा को संयुक्त रूप से पूछताछ के लिए उनके घर ले कर गई थी तब शिल्पा रोई थी और अपने पति से झगड़ा किया था. न्यायमूर्ति पटेल ने कहा, ‘‘पुलिस सूत्रों के आधार पर लिखी गई रिपोर्ट मानहानिकारक नहीं है. यदि यह आपके घर के कमरे के अंदर हुआ होता जहां कोई आसपास नहीं होता तो यह मुद्दा अलग था, लेकिन यह बाहरी लोगों की मौजूदगी में हुआ. फिर यह मानहानि कैसे हो सकती है? ’’
Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.









