
अब UP में दुकान-मकान या जमीन का स्टांप पता करना हुआ आसान, ऐसे ले सकते हैं जानकारी
Zee News
स्टांप मंत्री ने बताया कि अभी तक जो व्यवस्था चल रही थी उसमें कोई व्यक्ति भूमि, भवन खरीदना चाहता था तो उस भू-सम्पत्ति का मूल्य कितना है इस पर संशय बना रहता है.
लखनऊ: यूपी में अब जमीन, मकान, फ्लैट, दुकान आदि भू-सम्पत्तियों की कीमत और ऐसी सम्पत्ति की खरीद फरोख्त में रजिस्ट्री करवाने के लिए लगने वाले स्टांप शुल्क को जिलाधिकारी तय करवाएंगे. सोमवार को कैबिनेट में स्टांप और रजिस्ट्री विभाग की ओर से लाए गए प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई. इस प्रस्ताव की स्वीकृति मिलने के बाद रेट को लेकर संशय होने के बाद खरीदार अपने जिले के डीएम को प्रार्थना पत्र लिखकर निर्धारित शुल्क की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे. 100 रुपये करना होगा जमा अगर आप उत्तर प्रदेश के किसी जिले में जमीन, मकान, फ्लैट, दुकान खरीदना चाहते हैं और आपको लगता है कि स्टाम्प शुल्क अधिक है तो आप ट्रेजरी चालान के माध्यम से कोषागार में 100 रुपये का शुल्क जमा करके उचित रेट की जानकारी ले सकते हैं. इस शुल्क के जमा करने के बाद जिलाधिकारी लेखपाल से उस भू-सम्पत्ति की डीएम सर्किल रेट के हिसाब से मौजूदा कीमत का मूल्यांकन करवाएंगे. उसके बाद उस सम्पत्ति की रजिस्ट्री पर लगने वाले स्टाम्प शुल्क का भी लिखित निर्धारण होगा.
Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.

Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.










