
अब JNU में होगी मेडिकल की पढ़ाई, MD, MS, DM, MCH, और Ph.D कोर्स को मिली मंजूरी
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158 th Academic Council की बैठक में मंगलवार को स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज और अस्पताल के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई
नई दिल्लीः जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की अकादमिक परिषद ने स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज और एक मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल की स्थापना के प्रस्ताव को मंगल को मंजूरी प्रदान कर दी. विश्वविद्यालय ने एक बयान में कहा कि मेडिकल स्कूल पीएचडी, एमडी-पीएचडी, एमडी, एमएस, डीएम, एमसीएच और एमबीबीएस पाठ्यक्रमों की पेशकश करेगा, जिसमें पारपंरिक दवाओं, आधुनिक औषधियों, मानविकी और सामाजिक विज्ञान से संबद्ध ज्ञान प्रणालियों पर जोर दिया जाएगा. अकादमिक परिषद ने एनसीसी को इलेक्टिव क्रेडिट पाठ्यक्रम के रूप में शामिल करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी. बयान में कहा गया कि यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति की भावना के अनुरूप है. इसके अलावा कई अन्य पाठ्यक्रम शुरू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई. एनसीसी पर जेएनयू करवाएगा तीन साल का पाठ्यक्रम जेएनयू के वायस चांसलर ने बताया कि यूनिवर्सिटी में अब एनसीसी की भी पढ़ाई होगी. यह एक फुलटाइम छह सेमेस्टर का प्रोग्राम होगा. इसमें थिअरी, प्रैक्टिकल और कैंप ट्रेनिंग शामिल होगी. वहीं, जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के शिक्षक संघ ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को चिट्ठी लिखकर यूनिवर्सिटी में फुल टाइम वीसी की नियुक्ति की मांग की है. पिछले सात माह से युनिवर्सिटी में वीसी का पद खाली है और इसे एक्टिंग वीसी के सहारे चलाया जा रहा है.
Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.

Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.










