
अफ़ग़ानिस्तान से जीवन की डोर सुलझाने भारत आए लोगों की ज़िंदगी और उलझी
BBC
ये अफ़ग़ान नागरिक भारत में अपनी समस्याएं सुलझाने आए थे, लेकिन यहां आकर वो दूसरी उलझन में फंस गए हैं. क्या है उनकी परेशानी.
दिल्ली के लाजपत नगर के इलाक़े में हर तरफ़ चकाचौंध है. कोविड का लॉकडाउन झेल चुके इस बाज़ार में अब रौनक़ लौट आई है.
यहाँ के जे-ब्लॉक में महँगी-महँगी गाड़ियों से लोग अफ़ग़ान होटलों में खाने पहुँचते हैं. दिल्ली के संपन्न लोगों के लिए इस इलाक़े में मौजूद अफ़ग़ान होटलों में खाना एक 'फ़ैशन स्टेटमेंट' जैसा ही है.
लेकिन, अफ़ग़ान व्यंजनों की ख़ुशबू बिखेरते होटलों से सिर्फ़ 300 मीटर की दूरी पर 50 साल के रहमतुल्लाह भी रहते हैं जो इस चिंता में हैं कि वो और उनका नौजवान बेटा रात में क्या खाएँगे. सिर्फ़ दो महीने पहले जब वो अपने बेटे के साथ भारत इलाज के लिए आए थे, तो वो अपने साथ जमा पैसे लेते आए थे.
उन्हें इलाज के बाद वापस अफ़ग़ानिस्तान लौटना था. लेकिन इसी दौरान तालिबान ने सत्ता पर क़ब्ज़ा कर लिया और उसके बदले हालात की वजह से भारत और अफ़ग़ानिस्तान के बीच उड़ानों को रोक दिया गया.
