
अनुच्छेद 370 हटा, जम्मू-कश्मीर खिला; जानिए विकास की 4 लेन पर दौड़ते कश्मीर की कहानी
Zee News
अनुच्छेद 370 नहीं हटता तो गोरखा समाज के हजारों लोगों को जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में वोट डालने का अधिकार नहीं मिलता. इन लोगों का कहना है कि हमारे पूर्वजों ने इतने बलिदान दिये देश के लिए, इस राज्य के लिए फिर भी हमें फंडामेंटल राइट से वंचित रखा गया था.
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के शासन में 20 साल पूरे होने पर हमारी स्पेशल सीरीज जारी है. डीएनए के इस हिस्से में हम आर्टिकल 370 (Article 370) के बारे में बात करेंगे. भारत की सरकार ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) से Article 370 हटाने का फैसला किया था. इसके तहत जम्मू-कश्मीर को मिला विशेष राज्य का दर्जा खत्म हो गया. इसी के साथ एक झंडा एक विधान का प्रारूप जम्मू कश्मीर में भी लागू हो गया.
आर्टिकल 370 हटाये जाने के बाद बीते दो साल में जम्मू-कश्मीर में पांच बड़े बदलाव हुए.
