
अंतरिक्ष में टकरा रहे चीन-अमेरिका, आमने-सामने ISS, चीनी स्पेस स्टेशन और सैटेलाइट
Zee News
पिछले एक दो महीनों में ऐसी परिस्थितियां बन रही हैं, जब अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन, चीनी स्पेस स्टेशन और सैटेलाइट आमने-सामने आ गए. आपात उपाय कर स्पेस स्टेशनों की लोकेशन बदलकर इन्हें बचाया गया, वरना कुछ भी हो सकता था.
नई दिल्ली: धरती पर हालात सामान्य हैं लेकिन शून्य (अंतरिक्ष) में अमेरिका और चीन समेत कई देशों के टकराने का खतरा मंडरा रहा है. ऐसा लग रहा है कि अंतरिक्ष हादसों का हॉटस्पॉट या युद्ध की जगह बन सकता है. ये कोई कल्पना नहीं है बल्कि हकीकत में पिछले एक दो महीनों में ऐसी परिस्थितियां बन रही हैं, जब अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन, चीनी स्पेस स्टेशन और सैटेलाइट आमने-सामने आ गए. आपात उपाय कर स्पेस स्टेशनों की लोकेशन बदलकर इन्हें बचाया गया, वरना कुछ भी हो सकता था.
सबसे ताजा मामला है चीनी स्पेस स्टेशन और अमेरिकी सैटेलाइट के टकराने से बाल-बाल बचने का. ये सैटेलाइट अमेरिकी उद्योगपति और टेस्ला के मालिक एलन मस्क का था. चीन ने संयुक्त राष्ट्र में इस महीने की शुरुआत में दर्ज कराई शिकायत में कहा है कि मस्क के स्टारलिंक प्रोग्राम का सैटेलाइट चीनी स्पेस स्टेशन से टकराने वाला था. स्पेस स्टेशन और सैटेलाइट की यह भिड़ंत एक बार 1 जुलाई को और दूसरी बार 21 अक्टूबर को टली. चीन ने कहा, "टकराव को रोकने के मकसद से चीन के स्पेस स्टेशन ने जरूरी रोकथाम के कदम उठाए." बता दें कि स्पेसएक्स का स्टारलिंक 1,700 से अधिक उपग्रहों का एक समूह है. इसका मकसद धरती के अधिकांश हिस्सों में इंटरनेट को पहुंचा है.

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