
दिल्ली पुलिस ने राजधानी में अपराधियों के खिलाफ 48 घंटे तक ऑपरेशन गैंग बस्ट चलाया. इस दौरान 850 से ज्यादा बदमाश गिरफ्तार किए गए, लेकिन इस कार्रवाई के 24 घंटे के भीतर लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने फायरिंग कर पुलिस को खुली चुनौती दे डाली. पढ़ें पूरी कहानी.

संभल में बुलडोजर कार्रवाई को लेकर राजनीतिक विश्लेषक आशुतोष ने महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत किए हैं. उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को वैधानिक माना जा सकता है, लेकिन जब इसे बुलडोजर ब्रांड बनाकर पेश किया जाता है तो यह प्रशासनिक कार्रवाई से अधिक एक राजनीतिक संदेश बन जाता है. आशुतोष ने चेतावनी दी कि यदि इसे केवल कानून व्यवस्था के नाम पर टारगेट कार्रवाई के रूप में देखा जाएगा तो इससे सामाजिक तनाव बढ़ सकता है.

उद्धव ठाकरे अब राज ठाकरे के साथ मिलकर बाल ठाकरे की खोई विरासत हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं. बीएमसी चुनाव से पहले मराठी मानुस को मुद्दा बनाने की कोशिश है, जिसमें बीजेपी को निशाना बनाने के लिए तमिल नेता के. अन्नामलाई को बहाना बनाया जा रहा है. लेकिन, यह मुद्दा वैसा जोर नहीं पकड़ रहा है जैसा बाल ठाकरे के दौर में हुआ था.

बीयर की तरह व्हिस्की कैन में क्यों नहीं आती है. एल्युमिनियम की बोतल में शराब बिकते शायद ही कभी किसी ने देखी हो. क्योंकि, शराब के लिए एल्युमिनियम को सही नहीं माना जाता है. ऐसे में जब एक कंपनी ने एल्युमिनियम की बोतलों में व्हिस्की बेचने की घोषणा की तो बवाल मच गया. कंपनी का कहना है कि ऐसा करना पर्यावरण के लिहाज से सही है. वहीं एक्सपर्ट का कहना है कि इससे व्हिस्की में एल्युमिनियम का स्तर ज्यादा हो जाएगा.

राजदूतों को तलब करने का ये कदम ऐसे समय में आया है जब ईरान के कुछ हिस्सों में विरोध प्रदर्शन कई दिनों से जारी हैं. बता दें कि पिछले हफ्तों में विदेशों के कई देशों ने प्रदर्शनकारियों के लिए सकारात्मक बयान दिए थे, जिससे तेहरान प्रशासन नाराज चल रहा है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने जारी बयान में कहा कि हम शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट का समर्थन करते हैं, लेकिन हिंसा, तोड़फोड़ और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने को नहीं.

Ramjet artillery shell IIT Madras: भारतीय वैज्ञानिकों ने एक बार फिर दुनिया को हैरान कर दिया है. अब दुश्मन सीमा के उस पार कहीं भी छिप जाएं, भारत के गोलों से बच नहीं पाएंगे. IIT Madras के होनहार दिमागों ने तोपों के लिए एक ऐसा 'जादुई' गोला तैयार किया है, जो अब पहले से कहीं ज्यादा दूर तक मार करेगा. यह तकनीक इतनी धाकड़ है कि पुरानी तोपें भी अब नई और खतरनाक मिसाइलों जैसा काम करेंगी.

सरकार की समिति ने कोचिंग क्लास को 2-3 घंटे तक सीमित करने, स्कूल सिलेबस को JEE–NEET जैसी परीक्षाओं से जोड़ने, बोर्ड अंकों को कॉलेज एडमिशन में ज्यादा वेटेज देने और कोचिंग संस्थानों को रेगुलेट करने जैसे सुझाव दिए हैं. सवाल ये है कि इन बदलावों से असल में क्या बदलेगा और क्या सिर्फ इतना काफी होगा? या क्या सच में कुछ जमीनी बदलाव और भी हैं जिन पर सोचना सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए.

गृह मंत्रालय ने सीनियर सिटीजन के लिए एडवाइजरी जारी की है. I4C ने बताया कि साल 2024 के मुकाबले 2025 में डिजिटल अरेस्ट के मामलों में गिरावट दर्ज की गई है. सुरक्षा एजेंसियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए पिछले साल ठगी के 7130 करोड़ रुपये बचाए हैं. I4C ने ये भी बताया कि अब साइबर ठग बुजुर्गों को अपना शिकार बना रहे हैं.

कश्मीर क्षेत्र में इस समय बहुत तेज सर्दी पड़ रही है. हाल के दिनों में हुई बर्फबारी के कारण तापमान में लगातार गिरावट देखी जा रही है. लद्दाख के द्रास इलाके में तापमान इस समय माइनस 18 डिग्री तक पहुंच गया है जो इसे दुनिया के सबसे ठंडे इलाकों में से एक बनाता है. इतनी ठंड के कारण द्रास में बहने वाला दरिया पूरी तरह से जम गया है. देखें ग्राउंड रिपोर्ट.

युवक की मानसिक स्थिति बिगड़ने पर पुलिस और डॉक्टरों ने उसे बचाया. कुमार सानू ने खुद मनोचिकित्सक से संपर्क कर फैन की मदद की पेशकश की. विशेषज्ञों ने फैनडम में डिल्यूजन के खतरों पर चेतावनी दी और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की जरूरत बताई. ये घटना मानसिक स्वास्थ्य और फैनडम के बीच संवेदनशील संबंध को उजागर करती है.

बिहार के जमुई में अपराधियों की हिम्मत इतनी बढ़ गई है कि 50 लाख की लूट के बाद उन्होंने दिनदहाड़े एक बुजुर्ग बाइक सवार की हत्या कर दी. यह वारदात जमुई-सिकंदरा रोड पर हुई जहां कोर्ट से घर लौट रहे वृद्ध पर गोलियां चलाई गईं. पुलिस ने घटनास्थल से कोर्ट केस की फाइलें और खाली मैगजीन बरामद की हैं. पुलिस अभी तक हत्यारों का सुराग नहीं लगा पाई है. इस घटना ने इलाके में खलबली मचा दी है और लोगों में डर का माहौल बन गया है.

श्रममंत्री मनसुख मंडाविया के हस्तक्षेप के बाद ऑनलाइन डिलिवरी कंपनियों ने 10 मिनट में डिलिवरी करने की समय सीमा हटाने का फैसला किया है. इसका उद्देश्य डिलिवरी बॉयज और गिग वर्कर्स पर पड़ने वाले दबाव को कम करना है. कंपनियों ने सरकार को आश्वासन दिया है कि वे इस टैगलाइन को अपने विज्ञापनों से हटा देंगी. लंबे समय तक चली मांग के बाद ये कदम डिलिवरी बॉयज की सुरक्षा और उनके आर्थिक नुकसान को रोकने के लिए उठाया गया है.