

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.

Iran Khamenei Protests: दिसंबर 2025 में देश में मंहगाई के यह खिलाफ प्रदर्शन शुरू हुआ था. जो अब बड़े आंदोलन में बदल गया है. देश भर में लोग सड़कों पर उतरकर शासन के खात्मे की मांग कर रहे हैं. जगह-जगह पर खामेनेई के पोस्टर जलाए जा रहे हैं. ईरानी सरकार ने उन्हें रोकने के लिए बेहद सख्त और हिंसक रवैया अपनाया है.

Rafale deal India: इंडियन एयरफोर्स की हवाई ताकत को बड़ा बूस्टर मिलने वाला है. ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय वायुसेना को दुनिया की सबसे घातक हवाई शक्ति बनाने की दिशा में इसी हफ्ते एक बहुत बड़ा फैसला लिया जा सकता है. भारत और फ्रांस के बीच होने वाली राफेल डील अब सिर्फ 114 विमानों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह आंकड़ा 200 के पार जा सकता है.

Indian Army war weapons: भारतीय सेना की गिनती दुनिया की सबसे घातक सैन्य ताकतों में होती है. इसके पीछे की वजह लाखों में भर्ती जवानों की संख्या ही नहीं है, बल्कि उनके हाथों में मौजूद वे मॉडर्न हथियार भी हैं. जो दुश्मन की किसी भी हिमाकत का तुरंत जवाब देने के लिए काफी हैं. ऐसे में आइए इंडियन आर्मी के 5 वॉर वेपन्स के बारे में जानते हैं.

Fihgter jet War: ऑपरेशन सिंदूर में फाइटर जेट्स की जंग की असली तस्वीर दुनिया के सामने आ गई है.पाकिस्तान के इशारे पर फैलाया गया, विदेशी मीडिया का प्रोपेगैंडा फेल हो गया है. ओपन सोर्स इंटेल और ऑस्ट्रेलिया बेस्ड संगठन के मुताबिक, जंग में कम से कम पाकिस्तान के 6 से 9 विमान नष्ट हुए हैं. इसके अलावा हैंगर पर भारतीय हमले में भी फाइटर जेट नष्ट हुए हैं. ऐसे कुल संख्या करीब 19 पहुंच जाती है.

Iran missile power: ईरान इस वक्त बारूद के ढेर पर बैठा है और उसके पास मौजूद मिसाइलों का जखीरा दुनिया के किसी भी आधुनिक डिफेंस सिस्टम को मिट्टी में मिलाने का दम रखता है. तेहरान ने सालों की मेहनत और पाबंदियों के बावजूद एक ऐसी 'आसमानी फौज' खड़ी कर ली है, जिसकी रफ्तार और ताकत का अंदाजा लगाना भी मुश्किल है.

Astra MkII missile: भारत का रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी DRDO अब अपनी सबसे आधुनिक मिसाइल Astra MkII को दुनिया भर में बेचने की तैयारी कर रहा है. हालिया रिपोर्ट की मानें तो इस मिसाइल को 2026 के मध्य तक बड़े पैमाने पर उत्पादन की मंजूरी मिलने की उम्मीद है. इसके साथ ही, कई देशों ने इस भारतीय मिसाइल को अपने लड़ाकू विमानों में लगाने की इच्छा भी जाहिर की है.

Pinaka LRGR-120: भारत ने रक्षा के क्षेत्र में एक ऐसी कामयाबी हासिल कर ली है, जिसने दुश्मनों की रातों की नींद उड़ा दी है. स्वदेशी रॉकेट सिस्टम 'पिनाका' अब इतना ताकतवर और सटीक हो गया है कि वह 120 किलोमीटर दूर बैठे दुश्मन के कमांड सेंटर को पलक झपकते ही तबाह कर सकता है. इसी बीच खबर यह भी है कि फ्रांस ने पिनाका रॉकेट खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है. वहीं, US की रिपोर्ट में भी पिनाका रॉकेट की तारीफ की है.

Ramjet artillery shell IIT Madras: भारतीय वैज्ञानिकों ने एक बार फिर दुनिया को हैरान कर दिया है. अब दुश्मन सीमा के उस पार कहीं भी छिप जाएं, भारत के गोलों से बच नहीं पाएंगे. IIT Madras के होनहार दिमागों ने तोपों के लिए एक ऐसा 'जादुई' गोला तैयार किया है, जो अब पहले से कहीं ज्यादा दूर तक मार करेगा. यह तकनीक इतनी धाकड़ है कि पुरानी तोपें भी अब नई और खतरनाक मिसाइलों जैसा काम करेंगी.

DRDO AL-HCM missile: भारत के रक्षा वैज्ञानिकों ने एक ऐसी मिसाइल पर काम शुरू कर दिया है जो भविष्य के युद्धों का चेहरा बदल देगी. यह मिसाइल इतनी तेज होगी कि दुश्मन को पलक झपकने का मौका भी नहीं मिलेगा. हवा से छोड़ी जाने वाली यह हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल (AL-HCM) भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों को वो ताकत देगी, जिसका मुकाबला करना फिलहाल किसी भी देश के लिए नामुमकिन है.

IAF Air Launched Ballistic Missile: भारतीय वायुसेना अब अपनी रणनीति में एक बहुत बड़ा बदलाव करने जा रही है. सरहद पार बैठे दुश्मनों के बंकर और एयरबेस अब पहले से कहीं ज्यादा निशाने पर होंगे. भारत सरकार ने हवा से छोड़ी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों (ALBM) की संख्या को बढ़ाने का फैसला किया है. इसका मतलब यह है कि अब हमारे फाइटर जेट्स सिर्फ छोटी मिसाइलें ही नहीं, बल्कि भारी-भरकम और बिजली जैसी तेज रफ्तार वाली मिसाइलें लेकर उड़ेंगे, जो पलक झपकते ही दुश्मन का नामोनिशान मिटा देंगी.

S-400 Air Defence India: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच जब यूक्रेन ने रूस के S-400 मिसाइल सिस्टम को तबाह करने का दावा किया, तो पूरी दुनिया में शोर मच गया. लोग पूछने लगे कि क्या भारत ने रूस से यह सिस्टम खरीदकर गलती की? लेकिन सच तो यह है कि जो लोग S-400 की आलोचना कर रहे हैं, वे भारत की असली ताकत और रणनीति को समझ ही नहीं पा रहे हैं.

TATA Airbus DRDO Develop C-295 MRMR Aircraft: C-295 विमान में किए जाने वाले विशेष मिशन अमेंडमेंट स्पेन में किए जाएंगे. जहां एयरबस को इस तरह के स्पेशल मिशन कन्वर्जन का लंबा अनुभव है. बेस कॉन्फिगरेशन के सफल जांच के बाद, विमान का निर्माण और सेंसर इंटीग्रेशन का काम भारत में किए जाने की योजना है. इससे देश में एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग को मजबूती मिलेगी. लंबे समय तक फ्लीट सपोर्ट भी देश के भीतर ही संभव होगा.

Saudi Arabia Buy JF-17 Fighter Jets: पाकिस्तान JF-17 को एक किफायती और युद्ध में आजमाया लड़ाकू विमान बता रहा है. इसे ही आधार बनाकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेश कर रहा है. अजरबैजान, नाइजीरिया, म्यांमार और लीबिया के साथ हुए सौदों का हवाला देकर इसकी मांग दिखाई जाती है. हालांकि पहले भी कई बार बड़े हथियार सौदों की खबरें सामने आईं है. जो बाद में केवल समझौता ज्ञापन (MoU) तक सीमित रह गईं.

DRDO MPATGM missile test: भारतीय सेना के हाथों में अब एक ऐसा हथियार आ गया है. जिसकी एक दहाड़ से दुश्मन टैंकों के परखच्चे उड़ जाएंगे. दरअसल, भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी DRDO ने स्वदेशी 'एंटी-टैंक' मिसाइल का सफल परीक्षण करके दुनिया को अपनी ताकत दिखा दी है. यह मिसाइल इतनी स्मार्ट है कि यह चलते हुए टैंक को भी ढूंढकर उसे ऊपर से तबाह कर देती है.

LCA Tejas Mk1A Fighter Jet: भारतीय वायुसेना के आधुनिक लड़ाकू विमान LCA Tejas Mk1A के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है. अमेरिकी कंपनी General Electric Aerospace ने भरोसा दिया है कि वह वित्त वर्ष 2026-27 में भारत को 20 नए F404-IN20 इंजन डिलीवर करेगी. इंजनों की इस सप्लाई से Hindustan Aeronautics Limited (HAL) को तेजस विमानों का उत्पादन तेज करने में बड़ी मदद मिलेगी. जिससे IAF को 20 और नए तेजस लड़ाकू विमान मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा.

J-10C fighter jet: पेंटागन की एक ताजा रिपोर्ट ने दक्षिण एशिया की हवाई सुरक्षा को लेकर एक बड़ी हलचल पैदा कर दी है. चीन ने गुपचुप तरीके से पाकिस्तान को जो J-10C लड़ाकू विमान दिए थे, उन्हें लेकर अब अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने पक्की मुहर लगा दी है. यह खबर ऐसे समय में आई है जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव हमेशा बना रहता है, और 'ऑपरेशन सिंदूर' जैसे मिशनों में इन विमानों की भूमिका ने सुरक्षा विशेषज्ञों के कान खड़े कर दिए हैं.

India Radar Air Defence Network: देश के एयर डिफेंस सिस्टम में अब Passive Coherent Location Radar (PCLR) को शामिल किया जा रहा है. इसे भारत के उभरते Low Observable Detection Network (LODN) का अहम हिस्सा माना जा रहा है. इस नेटवर्क का मकसद ऐसे स्टेल्थ और लो-ऑब्जर्वेबल हवाई खतरों का पता लगाना है. जो आम रडार की पकड़ से बच निकलते हैं.

India Plans 114 Rafale Jets and Stealth Submarines: एयरफोर्स के लिए 114 राफेल मल्टी-रोल लड़ाकू विमानों और नौसेना के लिए प्रोजेक्ट 75I के तहत 6 अत्याधुनिक पनडुब्बियों की खरीद को अंतिम रूप देने की तैयारी में है. इन दोनों सौदों को भारत के पोस्ट-कोल्ड वॉर दौर की सबसे अहम रक्षा खरीद में से एक माना जा रहा है.

Turkeys MKE Boran 105MM Light Howitzer: MKE ने बताया कि BORAN को साल 2021 में तुर्की सशस्त्र बलों में शामिल किया गया था. इसके बाद 2024 में बांग्लादेश को इसकी डिलीवरी हुई. जो तुर्की के इतिहास में पहली बार किसी होवित्जर तोप का विदेश निर्यात था. एशिया और यूरोप में किए गए प्रदर्शन और परीक्षणों ने इसकी क्षमताओं को और मजबूत किया.

Army Parade Autonomous Utility Logistics Vehicle: यह वाहन एक कॉम्पैक्ट, लो-प्रोफाइल और ट्रैक्ड रोबोटिक प्लेटफॉर्म है. जिसे बेहद मुश्किल और खतरनाक इलाकों में काम करने के लिए तैयार किया गया है. ड्रोन, आर्टिलरी और प्रिसिजन हथियारों के बढ़ते खतरे को देखते हुए, यह वाहन उन इलाकों में सप्लाई पहुंचाने के लिए बनाया गया है. जहां सैनिकों के साथ जाने वाले काफिले जोखिम में होते हैं.

Naval propulsion system India: भारत की दिग्गज कंपनी Bharat Forge अब जमीन और आसमान के बाद समंदर की लहरों पर राज करने की तैयारी में है. कंपनी के चेयरमैन Baba Kalyani ने एक बहुत बड़ा ऐलान किया है, जिससे भारतीय नौसेना की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी. अब देश के युद्धपोतों को चलाने के लिए विदेशी इंजनों या उनके पुर्जों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, क्योंकि भारत ने अपना खुद का 'नेवल प्रोपल्शन सिस्टम' यानी जहाज को चलाने वाली मशीनरी बनाना शुरू कर दिया है.

Indian anti drone system: सरहदों पर और संवेदनशील इलाकों में दुश्मन के ड्रोन अब मनमानी नहीं कर पाएंगे. भारतीय रक्षा क्षेत्र की एक और कंपनी ने एक ऐसा 'शिकारी' तैयार किया है, जो आसमान में उड़ते हुए ड्रोन को ढूंढकर उसे वहीं खत्म कर देगा. यह कोई साधारण बंदूक नहीं, बल्कि एक गाइडेड मिसाइल सिस्टम है जिसे छोटे ड्रोन को मारने के लिए ही बनाया गया है.

Rafale Deliveries: भारत में बनने वाला प्लांट सिर्फ भारतीय वायुसेना के लिए नहीं होगा. Dassault की योजना इसे एक ग्लोबल एक्सपोर्ट हब के तौर पर विकसित करने की है. जहां से दुनिया के दूसरे देशों को भी राफेल सप्लाई किए जा सकें. यह भारत को वैश्विक एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की सोच से भी मेल खाती है.

Indian Navy Shipyards: रक्षा मंत्रालय (MoD) ने मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL), गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE), गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) और हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL) जैसे सरकारी शिपयार्ड्स को खास निर्देश दिए हैं. इन निर्देशों के तहत डॉकिंग और निर्माण क्षमता बढ़ाई जाएगी. ताकि भारत में बने युद्धपोतों का निर्यात आसान और तेज हो सके.

India Russia SU-57 Deal: भारत क्या रूस से SU-57 खरीदेगा. रूस ने एक बाद एक ऑफर भारत के सामने पेश किया है. रोस्टेक कंपनी के सीईओ ने सीईओ ने भारत जिस राफेल डील के पीछे जा रहा है, हम उतने ही पैसे में 5वीं पीढ़ी के 230 फाइटर जेट देंगे. यानी दोगुने से भी ज्यादा फाइटर जेट भारत को मिलेंगे. वर्तमान में फ्रांस से 114 राफेल फाइटर जेट को लेकर भारत से फ्रांस की बातचीत चल रही है.

Indian Navy S5 Class SSBN Construction: चीन और पाकिस्तान की बढ़ती नौसैनिक ताकत भारत के लिए एक बड़ी चुनौती मानी जाती है. इसी को ध्यान में रखते हुए S5 पनडुब्बियों को बेहद आधुनिक स्टेल्थ तकनीक से लैस किया जा रहा है. इनमें 190 मेगावॉट का प्रेसराइज्ड वाटर रिएक्टर होगा. इसे पूरी तरह स्वदेशी रूप से भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) ने विकसित किया है.

Indian Navy Kamikaze Drones for Maritime Strike: इन मैरीटाइम लॉइटरिंग म्यूनिशन की रेंज अधिक होगी. नौसेना के जहाज दुश्मन के तट और जहाजों पर काफी दूर से हमला कर सकेंगे. इससे दुश्मन के तटीय डिफेंस सिस्टम और एंटी-शिप हथियारों का खतरा कम होगा. इन ड्रोन को दोहरी भूमिका के लिए तैयार किया जा रहा है. जमीन पर मौजूद ठिकानों के साथ-साथ दुश्मन के युद्धपोतों पर भी हमला किया जा सकेगा.

Reliance Will buy oil from Venezuela: अमेरिका के 500 प्रतिशत टैरिफ के जवाब की तैयारी भारत कर रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहले तो रूस से तेल खरीदना कम कर रहा है. इसके अलावा दूसरी तरफ भारतीय निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां वेनेजुएला से तेल खरीदने को तैयार हो गई हैं, यह वही तेल होगा, जिसपर अमेरिका का स्वामित्व होगा.

Bulsae-4 missile North Korea weapons: उत्तर कोरिया ने दुनिया के सबसे खतरनाक टैंक रोधी हथियारों में से एक 'बुलसे-4' (Bulsae-4) का उत्पादन कई गुना बढ़ाने का फैसला किया है. यूक्रेन के युद्ध के मैदान में अपनी ताकत का लोहा मनवाने के बाद, अब यह मिसाइल और भी घातक होकर सामने आई है. इसे 'फायर एंड फॉरगेट' यानी 'दागो और भूल जाओ' हथियार कहा जाता है, जो पलक झपकते ही बड़े से बड़े टैंक को लोहे के कबाड़ में बदल देता है.

Project Kusha air defence: भारत अब दुश्मन की मिसाइलों और विमानों को हवा में ही ढेर करने के मामले में दुनिया के सबसे ताकतवर देशों की कतार में खड़ा होने जा रहा है. भारत का अपना 'S-400' यानी प्रोजेक्ट कुशा अब पूरी तरह तैयार है. वैज्ञानिकों ने इसके पहले चरण का परीक्षण करने की ठान ली है, जिससे चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसियों की टेंशन बढ़ना तय है.

India MQ-9B type drone: भारत अब जासूसी और हवाई हमलों की दुनिया में एक बहुत बड़ा धमाका करने जा रहा है. समंदर से लेकर हिमालय की चोटियों तक नजर रखने के लिए अब भारत अपना खुद का 'सुपर ड्रोन' तैयार कर रहा है. सबसे बड़ी बात यह है कि इस काम में दुनिया के सबसे खतरनाक ड्रोन MQ-9B प्रीडेटर बनाने वाली अमेरिकी कंपनी जनरल एटॉमिक्स भी भारत का साथ देगी.