
'श्री अमृतपाल जी...' जब लोकसभा महासचिव ने शपथ ग्रहण के लिए पुकारा नाम
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लोकसभा में बुधवार को जिन सात सांसदों को सांसद पद की शपथ लेनी थी. उनमें कांग्रेस के शशि थरूर, टीएमसी के शत्रुघ्न सिन्हा, टीएमसी के दीपक अधिकारी, टीएमसी के नुरुल इस्लाम, समाजवादी पार्टी के अफजाल अंसारी, निर्दलीय सांसद अब्दुल रसीद शेख और अमृतपाल सिंह थे.
18वीं लोकसभा सत्र के तीसरे दिन बुधवार को स्पीकर चुनाव से पहले बचे हुए सांसदों ने शपथ लेनी थी. इन सांसदों में खालिस्तानी संगठन 'वारिस पंजाब दे' के प्रमुख अमृतपाल सिंह भी शामिल थे. वह पंजाब की खडूर साहिब सीट से निर्दलीय चुनाव जीते हैं. लेकिन इस समय जेल में हैं. लेकिन इस बीच लोकसभा महासचिव ने सांसद पद की शपथ के लिए उनका नाम पुकारा.
अमृतपाल सिंह असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद होने की वजह से संसद नहीं पहुंच पाए थे. लेकिन संसद के नियमों के तहत अमृतपाल सिंह का नाम भी लिया गया.
लोकसभा महासचिव ने सबसे पहले जम्मू एवं कश्मीर से निर्दलीय जीतकर संसद पहुंचे अब्दुल रसीद का नाम पुकारा. इसके बाद केरल से कांग्रेस सांसद शशि थरूर का नाम पुकारा. इसके बाद उन्होंने अमृतपाल सिंह का नाम पुकारा. प्रोटेम स्पीकर ने कहा कि पंजाब से श्री अमृतपाल सिंह जी...
बता दें कि बुधवार को लोकसभा में जिन सात सांसदों को सांसद पद की शपथ लेनी थी. उनमें कांग्रेस के शशि थरूर, टीएमसी के शत्रुघ्न सिन्हा, टीएमसी के दीपक अधिकारी, टीएमसी के नुरुल इस्लाम, समाजवादी पार्टी के अफजाल अंसारी, निर्दलीय सांसद अब्दुल रसीद शेख और अमृतपाल सिंह थे.
अमृतपाल सिंह पिछले साल मार्च से जेल में बंद हैं. 'वारिस पंजाब दे' के प्रमुख अमृतपाल सिंह और उनके तीन सहयोगियों की हिरासत अवधि 24 जुलाई को समाप्त होनी थी, जबकि 6 अन्य सहयोगियों की हिरासत अवधि 18 जून को समाप्त होनी थी. अमृतपाल समेत 9 अन्य आरोपियों की NSA एक साल के लिए बढ़ा दी गई है.
मालूम हो कि 'वारिस पंजाब दे' संगठन के प्रमुख और खालिस्तानी नेता अमृतपाल सिंह ने खडूर साहिब सीट से चुनाव जीता था. अमृतपाल सिंह असम के डिब्रूगढ़ की जेल में बंद है. अमृतपाल सिंह ने कांग्रेस के कुलबीर सिंह जीरा को 1.97 लाख वोटों से हराया था. वह राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत जेल में बंद है.

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