
पाकिस्तान: बिलावल भुट्टो और शाहबाज शरीफ के पास अब क्या बचे हैं ऑप्शन ?
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पाकिस्तान में सियासी संकट पैदा हो गया है. दोनों विपक्षी पार्टियों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. बिलावल भुट्टो ने कहा कि वह चुनाव के लिए तैयार हैं, वहीं शाहबाज शरीफ ने कहा है कि इमरान खान देश को गृह युद्ध की ओर ले जा रहे हैं.
पाकिस्तान में अभूतपूर्व स्थिति पैदा हो गई है. कार्यवाहक प्रधानमंत्री इमरान खान की सिफारिश पर राष्ट्रपति ने नेशनल असेंबली भंग कर दिया है. देश से चुनाव के लिए तैयार रहने का ऐलान किया. अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सरकार गिराने का प्लान बना रही पाकिस्तान की विपक्षी पार्टियां पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी और पाकिस्तान मुस्लिम लीग इस कदम से बेहद नाराज हैं और दोनों विपक्षी पार्टियों के सांसद असेंबली में बैठ गए उन्होंने अपना स्पीकर चुन लिया, अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग कराने लगे. इस बीच पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को स्वत: संज्ञान में ले लिया है. यह सब हो ही रहा था कि पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल ने भी इस्तीफा दे दिया. उनका इस्तीफा मंजूर होता इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें तलब कर लिया.
अब सवाल उठता है कि बिलावल भुट्टो और शाहबाज शरीफ के पास अब क्या ऑप्शन हैं? सबसे पहले तो दोनों विपक्षी पार्टियों ने डिप्टी स्पीकर के अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग न कराने के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. इधर पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने भी इस केस का स्वत: संज्ञान ले लिया है.
सुप्रीम कोर्ट बार के अध्यक्ष अहसान भून ने कहा कि प्रधानमंत्री और डिप्टी स्पीकर की कार्रवाई संविधान के खिलाफ थी और "संविधान के अनुच्छेद 6 के तहत उन पर देशद्रोह का मुकदमा चलाया जाना चाहिए.
चुनाव में जाएंगे बिलावल भुट्टो ने अपने आगे के कदम के बारे में कहा है कि वे चुनाव का सामना करने को तैयार हैं. लेकिन इमरान खान ने संविधान पर चोट की है. वो इमरान को घेरना चाहते हैं. चुनाव में जाने की बात करना उनकी मजबूरी है. क्योंकि चुनाव से दूर रहने की बात अगर वह करते हैं तो इमरान की पार्टी उन्हें घेर लेगी. शाहबाज शरीफ का भी यही हाल है
सुप्रीम कोर्ट जो फैसला करेगा वह मंजूर बिलावल भुट्टो और शाहबाज शरीफ दोनों नेताओं ने ये कहा है कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार रहेगा लेकिन वह दूसरे रास्ते भी नहीं छोड़ना चाहते. जब संसद से इमरान को समर्थन देने वाले निकल गए तो विपक्षी सांसदों को शाहबाज शरीफ ने संबोधित किया. वहां पर स्पीकर के फैसले को अमान्य घोषित किया गया. इमरान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग कराई गई.
सेना की तरफ आस बिलावल भुट्टो ने कहा है कि जब देश संकट में हो तो सेना को इसे देखना चाहिए लेकिन सेना ने साफ कर दिया है कि यह सियासी मसला है वह किसी भी तरह का हस्तक्षेप नहीं करेगी. एक्सपर्ट का मानना है कि सेना वेट एंड वॉच के मूड में है. वह चाहती है कि पानी सिर से गुजर जाए. जनता को यह यकीन हो जाए कि सियासतदान केवल स्वार्थ साधते हैं वो देश नहीं चला सकते. ऐसा होने के बाद ही सेना कोई एक्शन ले सकती है.

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