
जेलेंस्की की टीम में रूस की सेंध? तीन दिन में सीक्रेट सर्विस से कई अफसर बर्खास्त
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यूक्रेन के अफसरों के मुताबिक, जब देश की जनता रूस के हमलों का सामना कर रही है, तब रूस से सहानुभूति रखने वाले कुछ लोग लगातार यूक्रेन के सैन्य ठिकानों और अन्य महत्वपूर्ण जगहों की जानकारी दुश्मन देश को दे रहे हैं. इतना ही नहीं इन लोगों ने रूसी अधिकारियों को आश्रय दिया और रूस के कब्जे वाली जगहों में यूक्रेन की गतिविधियों की जानकारी भी शेयर की है.
यूक्रेन जहां एक ओर रूस से युद्ध के मैदान पर भीषण लड़ाई लड़ रहा है, वहीं, दूसरी ओर भितरघात जैसे समस्या से भी जूझ रहा है. दरअसल, सामने आया है कि यूक्रेन के कई सिक्योरिटी अफसर रूस से मिलकर जासूसी कर रहे हैं और यूक्रेन से जुड़ी अहम जानकारियों को दुश्मन देश को दे रहे हैं. युद्ध के समय में रूस को इन जानकारियों से हमले करने में काफी मदद मिली है.
यूक्रेन के अफसरों के मुताबिक, जब देश की जनता रूस के हमलों का सामना कर रही है, तब रूस से सहानुभूति रखने वाले कुछ लोग लगातार यूक्रेन के सैन्य ठिकानों और अन्य महत्वपूर्ण जगहों की जानकारी दुश्मन देश को दे रहे हैं. इतना ही नहीं इन लोगों ने रूसी अधिकारियों को आश्रय दिया और रूस के कब्जे वाली जगहों में यूक्रेन की गतिविधियों की जानकारी भी शेयर की है. यूक्रेन के अफसर का दावा है कि ऐसे लोगों ने एक ब्रिज से विस्फोटक भी हटा दिया, ताकि रूसी सेना क्षेत्र में घुसपैठ कर सके.
जेलेंस्की ने अपने दो करीबी अफसरों को किया बर्खास्त
यह मामला उस वक्त सबकी नजर में तब आया, जब रविवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की ने दो वरिष्ठ अफसरों को बर्खास्त कर दिया. जेलेंस्की ने रविवार को देश की घरेलू सिक्योरिटी एजेंसी के चीफ इवान बाकानोव और राज्य अभियोजक जनरल इरीना वेनेडिक्तोवा को बर्खास्त कर दिया था. ये दोनों अफसर जेलेंस्की के काफी करीबी थे. यहां तक कि इवान बाकानोव तो यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के बचपन के मित्र हैं. इसे यूक्रेन के लिए युद्ध के समय में सुरक्षा में बड़ी चूक मानी जा रही है.
राजद्रोह के 651 मामलों में जांच शुरू
जेलेंस्की ने यूक्रेन को संबोधित करते हुए बताया कि देश में राजद्रोह से जुड़े कई मामलों में जांच शुरू की गई है. उन्होंने कहा, एसबीयू सुरक्षा एजेंसी और प्रोसेक्यूटर के 60 से अधिक अधिकारी यूक्रेन के खिलाफ रूसी कब्जे वाले क्षेत्र में काम कर रहे थे. इतना ही नहीं उन्होंने बताया कि प्रवर्तन अधिकारियों के खिलाफ 651 राजद्रोह और सहयोग के मामलों में जांच की जा रही है.

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