
कश्मीर से होगा आतंकवाद और ड्रोन हमलों का सफाया, इन्फैंट्री में हुए 460 जवान भर्ती
Zee News
Jammu Kashmir: कश्मीर में सुरक्षा बालों को और मजबूती मिलने वाली है. अब कश्मीर में ड्रोन हमलों से भी निजात मिलने वाला है. दरअसल, जम्मू कश्मीर को 460 नए जवान मिले हैं.
नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर में आतंक का सफाया और ड्रोन की घटनाओं पर लगाम लगने वाली है. इसके लिए जम्मू और कश्मीर लाइट इन्फैंट्री (Jammu and Kashmir Light Infantry) ने पूरी तैयारी कर ली है. दरअसल, 460 नए जवानों को हाल ही में इन्फैंट्री में शामिल किया गया है. जम्मू के दंसल गांव में जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री के रेजिमेंटल सेंटर ने भर्ती प्रशिक्षण कैंप इन नए जवानों की एक परेड आयोजित की.
चेन्नई में ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकेडमी के कमांडेंट और जेएके एलआई रेजिमेंट के कर्नल लेफ्टिनेंट जनरल एमके दास ने इस परेड का निरीक्षण किया. कमांडेंट ने जवानों बधाई दी और देश के राष्ट्र की निस्वार्थ सेवा के लिए प्रेरित किया. एमके दास ने जम्मू-कश्मीर के युवाओं को सुरक्षा बलों की फौज में शामिल होने के लिए धन्यवाद दिया और उनके योगदान की सराहना भी की.

Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.










